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शिक्षक और कर्मचारी में विवाद गोली मारने की धमकी देने का आरोप

Tue, 02 Aug 2016 12:37 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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बरेली कालेज में सर्विस बुक प्रकरण अभी निपटा नहीं कि अब दूसरा विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को प्राक्टोरियल बोर्ड के एक कर्मचारी ने लॉ विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नसीम अख्तर पर पिस्टल से गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगा दिया। इसकी शिकायत कर्मचारी ने प्रिंसिपल से की है और उन्होंने चीफ प्राक्टर को जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि एसोसिएट प्रोफेसर ने भी कर्मचारी के खिलाफ अभद्रता करने की शिकायत की है। उन्होेंने गोली मारने के आरोप को झूठा बताया है।
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विवाद एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नसीम की गाड़ी के ड्राइवर के कालेज में अंदर जाने से रोकने को लेकर हुआ। प्राक्टोरियल बोर्ड के कर्मचारी संजीव कुमार की ओर से की गई शिकायत के मुताबिक, डॉ. नसीम का ड्राइवर शुक्रवार को कालेज के पश्चिमी गेट के बैरियर पर स्कूटी से आया और गाड़ी अंदर ले जाने लगा। बैरियर पर तैनात संजीव कुमार ने उसको वापस कर दिया। हालांकि तब उनको नहीं पता था कि यह डॉ. नसीम का ड्राइवर है। संजीव का आरोप है कि सोमवार को सुबह लगभग 11 बजे एसोसिएट प्रोफेसर बैरियर पर आए और उसको गाली देने लगे। उसने सही से बात करने को कहा तो मौके पर मौजूद अपने ड्राइवर से बोले- निकाल पिस्टल, इसे गोली से मार दूंगा। संजीव का कहना है कि वह डरकर चुप हो गया। इसके बाद धमकाते हुए डॉ. अख्तर चले गए। उसने इसकी लिखित शिकायत प्रिंसिपल डॉ. सोमेश यादव से करके कार्रवाई की मांग की है। वहीं, डॉ. नसीम अख्तर ने भी प्रिंसिपल से संजीव की शिकायत करके उस पर अभद्रता का आरोप लगाया है। प्रिंसिपल ने इस मामले की जांच रिपोर्ट चीफ प्राक्टर डॉ. एसी त्रिपाठी से मांगी है। वहीं, संजीव का कहना है कि अगर कालेज ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह मुकदमा दर्ज कराएंगे। उधर, डॉ. नसीम ने कहा कि संजीव झूठा आरोप लगा रहा है।


कोट...
दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। चीफ प्राक्टर से इस मामले की जांच करके रिपोर्ट मांगी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
-डॉ. सोमेश यादव, प्रिंसिपल

 मेरे पास तो पिस्टल भी नहीं है। फिर धमकी क्यों दूंगा। कर्मचारी संजीव झूठा आरोप लगा रहा है। उसने मेरे ड्राइवर को अंदर नहीं जाने दिया, सिर्फ इस पर उससे बात की थी, बल्कि उसने ही मेरे साथ अभद्रता की। इसकी शिकायत कर दी है।
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-डॉ. नसीम अख्तर, एसोसिएट प्रोफेसर, विधि विभाग
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