थाना सुभाषनगर के छोटे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। लूट गए मोबाइल के आधार पर पुलिस हत्यारों तक पहुंच पाई। दो आरोपी अभी फरार हैं, दो को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया है। लुटेरों के पास से पुलिस ने मोबाइल और साइकिल बरामद की है।
रविवार को दोपहर तीन बजे एसपी सिटी समीर सौरभ ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में छोटे हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त 2015 को बड़े बाजार स्थित दीपक स्वीट्स पर काम करने के बाद छोटे पुत्र ठाकुरदास निवासी हर्रे की गौटिया, थाना बिशारतगंज साइकिल के घर लौट रहे थे। बदायूं रोड पर लॉ कॉलेज के पास बदमाशों ने उनकी साइकिल, मोबाइल और बारह सौ रुपये लूट लिए। विरोध करने पर छोटे के ही गमछे से लुटेरों ने गला दबा दिया था। इससे पहले वह एक और मजदूर से साइकिल और मोबाइल लूट चुके थे। हालत नाजुक होने पर छोटे का पहले बरेली में इलाज कराया गया। यहां के डॉक्टरों के हाथ कर देने के बाद परिवार वाले दिल्ली ले गए। दस दिन बाद छोटे लाल की मौत हो गई। पुलिस मोबाइल के आधार पर सर्विलांस की मद्द से लुटेरों की तलाश में लगी थी। एसपी सिटी ने बताया कि शनिवार को एसओ सुभाषनगर सतीश यादव, उप निरीक्षक मोहम्मद जावेद और गुरूदेव सिंह ने टीम के साथ सूचना मिलने पर शुगर मिल गेट के पास से रंजीत सिंह पुत्र डोरीलाल, निवासी ग्राम अगरास, थाना फतेहगंज पश्चिमी और इसी के गांव के यूनुस पुत्र शाहिद को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से साइकिल और मोबाइल बरामद हुए हैं। पकड़े गए लुटेरों ने शकील और अकरम दो साथियों के और नाम बताए हैं। रंजीत के खिलाफ चार मुकदमें और यूनुस के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं।
300 रुपये हिस्से में आए थे
छोटे को लूटने वाले बदमाशों से हिस्से में 300-300 रुपये ही आए थे। चारों बदमाशों में से रुपयों के अलावा दो ने साइकिलें और दो ने मोबाइल लिए थे। मोबाइल की मद्द से ही दोनों आरोपी पुलिस के हाथ लग गए।