सराफ अनिल पाटिल के बेटे ऋतुराज को ब्लैकमेल करके दो लाख रुपये वसूलने के आरोपी और इंजीनियरिंग के छात्र वासिफ के संबंध में अब तक की पड़ताल उसके दुस्साहसी किस्म का शातिर अपराधी होने की ओर इशारा कर रही है। जखीरा के रहने वाले वासिफ ने एक पूर्व दर्जा राज्य मंत्री की बेटी को भी शिकार बनाया था। कुछ तस्वीरों के जरिये दो साल तक ब्लैकमेलिंग कर उससे लाखों वसूल किए। किला पुलिस ने पुष्टि की है कि दर्जा मंत्री की बेटी की तरह वासिफ ने बदायूं की भी दो छात्राओं को फंसाया था। इस तरह के अब तक पांच मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इस मास्टर माइंड की ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए कई युवा और उनके परिवार ऐसे भी हैं जो अब इस मामले में किसी भी तरह प्रकाश में नहीं आना चाहते। किला पुलिस का कहना है कि वासिफ की गिरफ्तारी के बाद कई और राज खुलकर सामने आ सकते हैं।
उधर, वासिफ समेत पांच लड़कों के खिलाफ थाना किला में रंगदारी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस को उसके गिरोह के तीन और गुर्गों के नाम पता चले हैं। ये तीनों लड़के भी जखीरा के रहने वाले हैं। बुधवार को उनके घरों पर दबिशें दी गई, लेकिन वे हाथ नहीं आए। पुलिस अब उनके रिश्तेदारों के घरों पर भी दबिशें देकर दबाव बना रही है।
बड़े घर के बच्चों ऐसे करता था ब्लैकमेल
वासिफ के गिरोह में चार और युवकों का पता चला है, जिनके निशाने पर शहर के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बड़े घरों के लड़के-लड़कियां रहते थे। वासिफ के गुर्गे उनकी निजी जानकारियां करते थे। इसके लिए वे अपने शिकार के अलावा उनके दोस्तों से भी दोस्ती गांठते थे। उन्हें गलत काम करने को उकसाकर उसके प्रमाण सुरक्षित कर लेते थे। कुछ मामलों में बच्चों को फंसाने के लिए उनके दोस्तों को भी वसूली में हिस्सा देने का झांसा दिए जाने की बात पता चली है। बड़े घरों के बच्चों के नशा करते हुए या लड़के-लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें उनकी ब्लैकमेलिंग का जरिया बनती थीं।
खुद की बना रखी थी माफिया डॉन जैसी इमेज
वासिफ अपने शिकार के सामने खुद नहीं आता था। गुर्गों के ही जरिये उसने उनके बीच अपनी माफिया डॉन जैसी इमेज बना रखी थी, इससे उसके शिकार होने वाले बच्चे काफी आतंकित रहते थे। सराफ अनिल पाटिल के बेटे को उसने मां-बाप की हत्या करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया था। वसूली और डराने-धमकाने के काम के लिए आर्थिक रूप से कमजोर दर्जनों घरों के लड़के वासिफ के संपर्क में थे। कभी जरूरत पड़ती थी तो वह अपने शिकार को डराने के लिए मोबाइल से उन्हें फोन करता था। ब्लैकमेलिंग के जाल में न फंसने पर बच्चों से उसके गुर्गे मारपीट भी करते थे।
परिवार सहित शहर छोड़ गया वासिफ
वासिफ मेयर चुनाव में एक पार्टी से मेयर प्रत्याशी का भतीजा बताया जा रहा है। किला थाने में 22 दिसंबर को पांचों आरोपी अनिल पाटिल सहित थाने पहुंचे थे। जब पुलिस के पास कई नेताओं के फोन वासिफ की पैरवी में पहुंचे थे। यही वजह है कि एक दिन तक समझौते की बात चलती रही। बाद में सराफ ने रिपोर्ट दर्ज करा दी। 23 दिसंबर को किला थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वासिफ परिवार सहित फरार हो गया है। किला पुलिस के मुताबिक वासिफ की लोकेशन शहर से बाहर मिल रही है। हालांकि वह अभी बरेली रेंज से बाहर नहीं गया है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लेने का दावा कर रही है।
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वासिफ के अतिरिक्त बाकी सभी आरोपी नाबालिग है। वासिफ को गिरफ्तार करने के लिए किला थाने की पुलिस को निर्देश दिया है। कुछ नाम और सामने आए हैं। सभी को कार्रवाई की जद में लिया जा रहा है।
- जोगेंद्र कुमार, एसएसपी, बरेली
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दो दिन के अंदर गिरफ्तार करो वासिफ को: एसएसपी
सराफ एसोसिएशन के पदाधिकारी एसएसपी से मिले
ब्यूरो
बरेली। सराफ अनिल पाटिल के बेटे को ब्लैकमेल करके वसूली और अपहरण की कोशिश किए जाने के मामले के खुलासे के बाद बुधवार को सराफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस ऑफिस में एसएसपी जोगेंद्र कुमार से मुलाकात की और वासिफ समेत आरोपी युवकों को जल्द गिरफ्तार कराने की मांग की।
सराफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि वासिफ लंबे समय से बड़े घरों की बच्चों को ब्लैकमेल करता आ रहा है। उनसे लाखों रुपये वसूलने के साथ वह उन्हें मानसिक रूप से भी परेशान करता रहा। लड़कियों को भी ब्लैकमेल करने की बात सामने आ रही है। ऐसे शख्स को सलाखों के पीछे होना चाहिए। एसएसपी ने किला एसएसआई महेंद्र सिंह से फोन पर बात की तो पता चला कि वासिफ के लिए काम करने वाले ज्यादातर लड़के नाबालिग हैं। एसएसपी ने किला पुलिस को वासिफ को दो दिनों में गिरफ्तार करने और केस की प्रगति रिपोर्ट शाम तक भेजने का निर्देश दिया।