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अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने से पहले ही हाजिर

Fri, 11 Mar 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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अपहरण - फोटो : लालसिंह
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थाना बिथरी चैनपुर के चंदपुर गांव के हेमंत गंगवार के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने ही वाली थी कि वह डीआईजी के दफ्तर में हाजिर हो गया।  हेमंत अक्तूबर से अपनी पत्नी के पास नहीं आ रहा था। जब उसकी पत्नी को पता चला कि वह बदायूं में एक ऐसे शख्स के साथ है जिसकी आम शोहरत ठीक नहीं है तो उसे चिंता हुई। यह भी बात आयी कि वह किसी से अपनी जमीन का बैनामा करने जा रहा है। घर के इकलौते वारिश की जमीन के चक्कर में जान खतरे में जान कर हेमंत की पत्नी रचना ने एक नेता की मदद से डीआईजी से मुलाकात कर पूरी कहानी बतायी। डीआईजी ने थाना बिथरीचैनपुर को अपहरण का मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर भी दिए थे। तभी एक सपा नेता का फोन आया कि जिसे अपहृत बता रहे हैं वह तो आपके दफ्तर में बैठा है। हेमंत ने कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ और वह अपनी मर्जी से कहीं चला गया था तो थाने फोन कर रिपोर्ट दर्ज करने से रोका गया।
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गुरुवार को हेमंत की पत्नी रचना ने डीआईजी से मिलकर पति को अगवा करने का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया तो उन्होंने मुकदमा लिखने के आदेश कर दिए। डीआईजी उसे बरामद करने की बात कर ही रहे थे इसी बीच उन लोगों को खबर लग गई जिनके साथ हेमंत था। वे तुरंत ही बदायूं से उसे लाए और डीआईजी दफ्तर में छोड़ कर चले गए। हेमंत के पहुंचते ही सपा के एक नेता नेे फोन कर डीआईजी को बताया कि लड़का आपके दफ्तर में खड़ा है। अपहरण की झूठी खबर लिखाई जा रही है। डीआईजी ने उसे बुलाया। कम उम्र देख कर सबसे पहले उसकी उम्र ही पूछी तो उसने 18 साल बतायी। कहने लगा साहब मेरा किसी ने अपहरण नहीं किया है मैं अपनी मर्जी से गया था। डीआईजी ने इंस्पेक्टर बिथरी चैनपुर को फोन किया और इस बारे में मुकदमा न लिखने को कह दिया। 
चंदपुर गांव के हेमंत गंगवार के पास करीब 40 बीघा जमीन है। इन दिनों इस जमीन की कीमत करोड़ों में हैं। सात महीने पहले उसकी शादी तिरकुनिया गांव की रचना से हुई थी। पत्नी उम्र में हेमंत से एक दो साल बड़ी है। कुछ दिनों बाद ही दोनों में कुछ अनबन भी हो गई। हेमंत की पत्नी के मुताबिक वह अक्तूबर से घर नहीं आ रहा था तो वह अपने मायके में रहने लगी। उसने डीआईजी से मिलकर बताया कि उसका पति कुछ लोगों के कब्जे में है जो उसकी जमीन का बैनामा कराना चाहते हैं। डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अगवा करने के आरोप में मुकदमा लिखने के आदेश दे दिए। मुकदमा दर्ज होने से पहले ही हेमंत उनके आफिस में आ गया।  डीआईजी ने उसे शिकायत प्रकोष्ठ से प्रभारी अनुज त्यागी के पास भेजकर इंस्पेक्टर बिथरी चैनपुर से बात करके दोनों पक्षों को बुलाकर मसला निपटाने के आदेश दिए। साथ ही यह भी कह दिया कि उन्होंने जो मुकदमा लिखने के आदेश किए हैं, उसे दर्ज न किया जाए। इंस्पेक्टर राजवीर सिंह यादव ने बताया कि हेमंत का अपहरण ही नहीं हुआ तो मुकदमा कैसे लिख लें। यह सब सियासी गेम है। डीआईजी के यहां से आए प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट बनाकर भेज दी जाएगी।  
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खतरे में है जान
हेमंत की पत्नी और ससुर का कहना है कि उसकी जमीन पर कुछ बड़े लोगों की नजर है। जो लोग हेमंत को ले गए थे वह यह भी कह रहे हैं कि वह हेमंत की दूसरी शादी कराएंगे। उनको आशंका है कि कहीं ये लोग जमीन अपने नाम कराने के बाद हेमंत की जान ही न ले लें। 
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