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अफसर हजम कर गए तमिलनाडु की सोलर लालटेनें

Tue, 17 May 2016 02:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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 दो कारों को वाणिज्य कर अफसरों ने मामूली जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया है। छापेमारी में कारोबारियों को उठाने में मोटा खेल होने की चर्चा इलाके में है। इस पूरे प्रकरण में अब भी कई सवाल हैं जिनका जवाब न पुलिस दे पा रही है, न ही वाणिज्य कर अफसर। 
पहला सवाल ये है कि इस मामले से मीरगंज के सपा नेता का क्या कनैक्शन है? दूसरे, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जब इन दिनों मतदान का अंतिम चरण है तो मुख्यमंत्री जे. जयललिता के फोटो छपे पिट्ठू बैग्स और सोलर एलईडी लालटेनें हजारों किमी दूर यूपी को बरेली में पहुंचे कैसे? मोटा मुनाफा कमाने के अलावा इनके बरेली लाने का मकसद क्या होगा। क्या मामूली जुर्माना लगाकर तमिलनाडु चुनाव में अवैध मानी जाने वाली प्रचार सामग्री की यूपी में धड़ल्ले से बिक्री की इजाजत दी जा सकती है। फिर पुलिस की छापेमारी में सपा नेता समेत कारोबारियों की धरपकड़ के बाद मामले को गुपचुप तरीके से निपटा देना भी जनमानस को हजम नहीं हो रहा। मीरगंज और आसपास इलाके में कम से कम एक हजार रुपये कीमत वाली सोलर एलईडी लालटेन डेढ़ सौ से ढाई सौ रुपये तक में और 200 रुपये में भी मुश्किल से मिलने वाले तमिल भाषा में अन्नाद्रमुक के चुनाव प्रचार वाले कैरी बैग्स 30 से 50 रुपये में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। तमिलनाडु से आई सोलर लालटेनें फतेहगंज पश्चिमी, सीबीगंज और बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर तक ये प्रचार सामग्री बेचे जाने की खबर है। 
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एसओ बच्चू सिंह यादव अब तक छापेमारी से इनकार कर रहे थे। अगले दिन जब उनसे इस मामले में पूछा गया तो उनका जवाब था कि लाल रंग की टवेरा यूके 22एम 2122 को अमित शर्मा पुत्र डालचंद ग्राम रौरा कलां थाना मिलक रामपुर के संग इमामबाड़ा गली से और मारुति वैन यूपी25बीटी-8359 को मुनेश गुप्ता पुत्र राजेंद्र गुप्ता रतनपुरी समेत तहसील रोड से पकड़ा गया था। हमने उसे थाने लाकर पूछताछ के बाद वाणिज्य कर विभाग की टीम के हवाले कर दिया। वाणिज्य कर अफसरोें ने अमित और मुनेश से 20 हजार और 13120 रुपये जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया।  इसकी रसीदें थाने की जीडी में चस्पा कर दी गईं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि एसओ अब तक छापेमारी की बात से इनकार क्यों कर रहे थे। फिर अचानक उन्होंने छापेमारी की बात को स्वीकार क्यों कर लिया। दो दिन के अंदर एसओ का बयान बदलना गंभीर सवाल ख़ड़े कर रहा है। रामपुर के सत्तापक्ष से जुड़े विधायक से जब फोन करने के बारे में सवाल किया गया लेकिन उनका साफ कहना था कि उन्होंने किसी को छुड़ाने के लिए कोई फोन मीरगंज थाने में नहीं किया है। 

‘ मैने आज ही ज्वाइन किया है। अभी इस मामले की बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। पूरे मामले का पता लगाकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।  नरेश कुमार,  सीओ मीरगंज 
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