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तो टैंकरों में भरा जाता था नकली डीजल पेट्रोल 

Thu, 30 Mar 2017 01:19 AM IST
बरेली।  
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So the fake diesel petrol was filled in tankers - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बुधवार को आंवला के एस डी एम सत्यम मिश्रा ने फोन पर मिली सूचना के आधार पर बदायूं रोड पर गांव देवी में सड़क किनारे ब्लाक आलमपुर जाफराबाद के भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह चौहान के फार्म पर छापा मारकर पहले तीन कैनों में 460 लीटर  डीजल और एक कैन में पेट्रोल  बरामद किया। शाम पांच बजे फिर छापा मारा तो सिहुलिया मोड़ पर दुकान का ताला तोड़कर उसमें रखा दो ड्रम व कैन में भरा 570 लीटर  तेल कब्जे में ले लिया है। भाजपा नेता विनोद चौहान के और कितने ठिकाने हैं और इस नए नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं इसका खुलासा अभी होना बाकी है। टैंकरों की मास्टर चाभी मिलने से जाहिर है कि तेल कंपनियों के टैंकर यहां आते थे और मिट्टी के तेल में मिलावट के बाद यहां पेट्रोल या डीजल की अदला बदली होती थी। इस मामले में भी असली खिलाड़ी पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। मौके पर खड़ी भाजपा नेता की बाइक सहित तीन बाइक भी एसडीएम ने पुलिस को सौंप दी है।
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  एसडीएम के साथ सी ओ संतोष कुमार सिंह  ने आस पास की झाड़ियों, खेत व फार्म के पास बने नलकूप की कोठरी का ताला तोड़कर कैनों में भरे डीजल के अलावा टैंकरों का लाक खोलने वाली चार मास्टर की व खरीद फरोख्त के हिसाब का लेखाजोखा  बरामद किया है। ये लेखाजोखा क्या है इसका खुलासा नहीं किया गया है। बहुत संभव है इसमें इस खेल से जुड़े लोगों के नाम होंगे। बदायूं के कोटे के केरोसिन के ड्रम के एस डी एम सत्यम मिश्रा ने बताया कि बदायूं के एस डी एम से ड्रम के बारे मे जांच करवाई जाएगी।  

दूसरे जिलों से आता है गरीबों का केरोसिन 
बरेली जिले में मिलावट के लिए दूसरे जिलों के गरीबों को बांटे जाने वाला केरोसिन बरेली आता है। यह खुलासा पहले भी हो चुका है लेकिन इस कालाबाजारी के खिलाफ विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती। न ही इस बारे में कोई अभियान चलाया गया। बुधवार को छापे के दौरान मिले खाली ड्रम पर बदायूं के ब्लाक सालारपुर के गांव यूसुफ नगर की कोटेदार उषा देवी का नाम लिखा है। इससे साफ है कि कोटेदार से मिलावट करने के लिए केरोसिन कालाबाजारी करके खरीदा गया है। इस मामले में बदायूं के सीडीओ अच्छे सिंह यादव का कहना है कि यह जानकारी अभी हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी और एसडीएम से जांच कराई जाएगी। जांच में कालाबाजारी की पुष्टि हुई तो कोटा निरस्त करने के साथ-साथ कोटेदार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी।
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कई साल से चल रहा था धंधा
तेल खरीदने आए रामेंद्र ने एस डी एम को बताया वह पिछले कई माह से सस्ता पेट्रोल व डीजल मिलने की वजह से खरीदकर ले जाता है । बुधवार को 17 लीटर डीजल नौ सौ रुपए में  खरीदा था।  पुलिस को देखकर युवक पैसे लेकर  भाग गया। बदायूं की ओर जाने वाले टैंकरों से तेल माफिया कम दामों मे चोरी से खरीदकर फुटकर में बेचते हैं।

मेरठ मे बनती है चाबी
तेल माफि या के तार मेरठ से जुड़े हैं।  इसका खुलासा मुर्गी फ ार्म में मिली तेल माफिया की डायरी से हुआ। डायरी में डुप्लीकेट चाबी बनाने वाले मिस्त्री का नाम राजा जिला मेरठ लिखा है।

विनोद चौहान पहले मंडल अध्यक्ष रहे थे। उन्हें पिछले साल हटा दिया गया था, उनका भाजपा से कोई नाता नहीं है।
- रवींद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा
 
लगता है यहां रिफाइनरी के एक्सपर्ट बैठ हैं
देवचरा में 27 फरवरी को नेफ्था से 5500 लीटर नकली पेट्रोल बनाने वालों और  उनको संरक्षण देने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई हो गई होती तो नकली तेल का कारोबार बंद हो गया होता। पुलिस, प्रशासनिक, तेल कंपनियों के अफसरों की ढिलाई साफ दिख रही है, जो इस नेटवर्क के कुछ असरदार लोगों से जुड़े होने का संकेत दो रही है। उनको किसी न किसी तरह बचाने की कोशिश की जा रही है। इस महीने एक के बाद एक आंवला से लेकर भमौरा, बरेली और आसपास मिलावट का  जिस तरह से खुलासा हो रहा है उससे स्पष्ट है कि यहां  रिफायनरी के एक्सपर्ट बैठे हैं जो ऐसी मिलावट कर रहे हैं कि जांच में पकड़ी ही नहीं जा रही।।
नकली और मिलावटी पेट्रोल व डीजल के माफिया के पास टैंकरों की मास्टर चाबी  तक है। जिसके माध्यम से वह किसी भी टैंकर से तेल निकालते हैं और उसमें नकली तेल डाल भी रहे हैं।  पंपों पर जांच को मोबाइल प्रयोगशाला आईं, जिन्होंने औपचारिकताएं पूरी करके पेट्रोल पंपों को क्लीन चिट भी दे दी ।
आईओसी, एस्सार तथा अन्य कंपनियों के लोगो लगे टैंकर बरामद हुए थे। इन  टैंकरों के खिलाफ आंवला स्थित डिपो को कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया।  मामले को यहां की आईओसी डिपो प्रबंधक विनीत अग्रवाल ने नोएडा मुख्यालय के लिए संदर्भित कर अपना काम कर दिया ऊपर से कुछ नहीं हो रहा है। पुलिस ने इस प्रकरण की रिपोर्ट 24 घंटे बाद दर्ज की। बाद में विवेचना अधिकारी ने कोल्ड स्टोेरेज स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं की। पुलिस की इस ढिलाई के कारण केके गुप्ता सहित तीन आरोपी गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले आए। 

‘आईओसी के लोगो लगे टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोएडा मुख्यालय को  पत्र लिखा है। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही इस प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।’ विनीत अग्रवाल, आंवला डिपो प्रबंधक

‘आरोपियों के बयान के लिए लगातार नोटिस भेजा जा रहे हैं। छठवां नोटिस दो दिन पहले भेजा है। आरोपियों का जांच में सहयोग नहीं मिल रहा है। अग्रिम कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है। उसी के बाद कोर्ट में पुलिस रिपोर्ट भेज दी जाएगी।’ एसएस पवार, प्रभारी निरीक्षक आंवला
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