बरेली। खाली प्लाट में बांधे जाने वाले जानवरों को मच्छरों से बचाने के लिए किए जाने वाले धुएं का विरोध करने पर हुए झगड़े के बाद पड़ोसियों ने पीडब्ल्यूडी मेठ को पीटकर मार डाला। परिवार के लोगों का आरोप है कि हमलावरों ने मेठ को लात घूंसों और सिर पर डंडा मारा, जिससे उनकी मौत हो गई। गुस्साएं लोगों ने आरोपियों के घर का दरवाजा तोड़ दिया और शव लेकर थाने पहुंच गए। एसओ के कार्रवाई का आश्वासन देने पर लोग शांत हो गए।
इज्जतनगर क्षेत्र के विहार मन नगला निवासी 55 वर्षीय शफीक उर्फ चंदा लोक निर्माण विभाग में लेबर मेठ थे। उनके घर के सामने खाली प्लाट पड़ा है, जिसमें पड़ोस के ही रहने वाले कत्था फैक्ट्री कर्मी मकबूल के जानवर बंधते हैं। जानवरों को मच्छरों से बचाने के लिए मकबूल पक्ष प्लाट में पन्नी आदि जलाकर धुआं करते हैं। बृहस्पतिवार शाम साढ़े छह बजे भी धुआं किया गया। जिसकी दुर्गंध से परेशान होकर शफीक ने विरोध किया। शफीक की पिछले वर्ष बाईपास सर्जरी हुई थी, इसीलिए दरवाजे के सामने प्लाट पर होने वाले धुएं से सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें होती थी। इसी का उन्होंने शाम साढ़े छह बजे विरोध किया तो मकबूल, उसका पुत्र तालिब आदि परिवार वाले निकल आए और झगड़ा करने लगे। झगड़े के दौरान शफीक की मौत हो गई। तभी आरोपी घर पर ताला लगाकर भाग निकले। शफीक की दरवाजे पर ही तड़पकर मौत हो गई। यह देखकर घर के अंदर से निकली उनकी पत्नी शहाना ने शोर मचाया तो आसपास के लोग आ गए। आरोप है कि शफीक की लात घूसों से पिटाई कर सिर पर डंडा मार कर हत्या की गई है। शफीक को लेकर घरवाले निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस पर लोग शव लेकर थाने पहुंच गए। जानकारी पर सीओ तृतीय अंशुल गुप्ता भी पहुंच गए और कार्रवाई के लिए तहरीर मांगी। एसओ सतेंद्र यादव ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मकबूल, उसके पुत्र तालिब समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।