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मिलावट का ‘ज्वार भाटा’, गली-मोहल्लों से गायब ब्रांडेड आटा

Sun, 11 Mar 2018 01:17 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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इन दिनों बाजार में खाद्य वस्तुओं और तेल आदि के कारोबार में मिलावट ने ऐसी घुसपैठ की है कि अब उपभोक्ताओं का विश्वास भी डगमगाने का लगा है। घर-घर इस्तेमाल होने वाला आटा भी संदेह के घेरे में आ गया है। ब्रांडेड कंपनियों के उपभोक्ता भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और इसकी खरीदारी से पहले सोच विचार करने लगे हैं। इस बीच नामचीन कंपनी नेचर फ्रेश का सैंपल लिया गया है। ताबड़तोड़ छापा कार्रवाई से घबराए तमाम दुकानदारों ने पुराना स्टॉक दुकान से हटा दिया है।
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 पिछले कई दिन से मिलावटी और रबर जैसा खिंचने वाले आटा की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रभावित लोगों ने जब प्रशासन से गुहार लगाई तब एफएसडीए टीम ने सैंपलिंग शुरू की। शुरुआत में लोकल ब्रांड के सैंपल भरे गए। इस बीच स्थानीय ब्रांड गोपाल भोग और आईटीसी के उत्पाद आशीर्वाद भी उपभोक्ताओं के निशाने पर आ गया। नामचीन कंपनियों के आटा में गोलमाल के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने लगे। तब लोग घरों में खुद ही ब्रांडेड कंपनियों के महंगे आटा का परीक्षण भी करने लगे। आटा गुंथने के बाद लोगों ने उसमें रबर जैसा खिंचाव होने की शिकायत की। इसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया और छापामारी के निर्देश दिए।

गली-मोहल्लों से गायब हुआ ब्रांडेड आटा
एफएसडीए की छापामारी और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए कंपनियों के ब्रांडेड महंगे आटा का स्टॉक व्यापारियों ने दुकानों से हटा दिया है। छापा और रबर जैसा आटा हो जाने का खौफ गली-मोहल्ले के व्यापारियों में कुछ ज्यादा ही दिख रहा है।
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हर दिन दो-ढाई करोड़ का कारोबार
अमीर हो गया गरीब, आटा तो हर घर में इस्तेमाल होता है। इसलिए जिले में प्रतिदिन इसका कारोबार भी हर दिन दो से ढाई करोड़ रुपये का माना जाता है। एक कारोबारी के मुताबिक हर दिन जिले में करीब दस लाख किलो आटा की खपत होती है। सहालग या अन्य आयोजन होने पर मांग इससे अधिक भी हो जाती है।

नेचर फ्रेश, संतोष भोग समेत कई ब्रांड के नमूने लैब में भेजे
तमाम शिकायतें आने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) कुछ सक्रिय हुआ और नामचीन एवं स्थानीय ब्रांडों के नमूने लिए। एफएसडीए टीम ने नेचर फ्रेश, संतोष भोग समेत कई ब्रांडों के नमूने जांच के लिए लैब में भेजे हैं। नगर मजिस्ट्रेट यूपी सिंह ने कहा है, आटा के नमूने की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी।


आटा को लेकर ग्राहकों में कुछ भ्रम हो गया है। बाजार में मिलावटी आइटम कैसे आ रहे हैं और व्यापारी क्या करे, इसके समाधान के लिए प्रशासन के सहयोग से एक संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। छापा कार्रवाई से हमारा व्यापारी वर्ग भयभीत है। एफएसडीए विभिन्न उत्पादों की जांच करने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था कराए और व्यापारियों को तकनीकी जानकारी भी दे। ताकि अगर कहीं शक हो तो हम लोग स्वयं भी माल की जांच करा सकें।
- राजेंद्र गुप्ता, प्रांतीय महामंत्री, उद्योग व्यापार मंडल

कंपनियां बोलीं...
हम पब्लिक की सेहत से कोई समझौता नहीं करते हैं। पूरे मानक के अनुरूप आशीर्वाद आटा तैयार होता है लेकिन कुछ शरारती लोगों ने इसे बदनाम करने की कोशिश की है। हमारा उत्पाद सभी मानकों को पूरा करता है।
- हेमंत मलिक, डिवीजनल चीफ एग्जीक्यूटिव, आईटीसी फूड

हमने अपने गुणवत्ता मानकों के आधार पर ग्राहकों में विश्वास स्थापित किया है। बेवजह हमारे उत्पाद में रबर जैसा खिंचाव या प्लास्टिक होने का दुष्प्रचार हुआ है। हमें विश्वास है कि ग्राहक हमारे साथ जुड़े रहेंगे।
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- मोहित ऐरन, गोपाल भोग आटा कारोबारी
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