लांस नायक अनिल चौधरी की दिनदहाड़े सरेआम हत्या के बावजूद पुलिस को चश्मदीद गवाह नहीं मिल रहे थे। जब सेना ने सदर बाजार से मुंह मोड़ और आवास खाली कराने के साथ ही डेयरियों से दूध तथा सदर बाजार की दुकानों से सामान की खरीद-फरोख्त बंद की तो घबराये दुकानदार कैंट थाने पहुंचे और 20 दुकानदारों ने कैंट एसओ को अपने नाम गवाही के लिए नोट कराए थे। कुछ समय बाद जब पुलिस ने दुकानदारों की गवाही करानी चाही तो दुकानदार थाने ही नहीं पहुंचे। पुलिस ने दुकानों पर जाकर मालूम करने की कोशिश की तो अधिकांश दुकानदारों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब तो सदर बाजार में तबाही आ ही चुकी है, गवाही देकर क्या फायदा।
दरअसल, दुकानदार सेना के मुंह मोड़ने के बाद आर्थिक हानि के चलते गवाही को राजी हुए थे। उनका अनुमान था कि उनके गवाही के लिए आगे आने के बाद सेना का रुख बदलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ, इससे यहां के दुकानदारों को निराशा हुई। कैंट एसओ विजय पाल ने बताया कि जब दुकानदारों से संपर्क करके थाने आकर बयान दर्ज कराने को कहा गया तो कोई थाने नहीं पहुंचा। अब पुलिस भी गवाही को लेकर परेशान चल रही है।
बीती 21 मार्च की दोपहर ड्यूटी कर साइकिल से घर लौट रहे लांस नायक अनिल कुमार की ध्रुव चौधरी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना में पहले पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि तमंचे के साथ ध्रुव ने थाने जाकर सरेंडर कर दिया था। तीन दिन बाद दोस्त की ओर से ध्रुव के भाई राजेश के खिलाफ भी छेड़खानी का मामला दर्ज किया था। इस घटना के बाद पुलिस ने चश्मदीद गवाहों से बात करनी चाही तो लोगों ने मना किया था, जबकि हत्या सरेआम बीच बाजार हुई थी।
ध्रुव पर लगेगी एनएसए
कैंट पुलिस ने लांस नायक हत्याकांड के मुख्य आरोपी ध्रुव चौधरी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई के लिए डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को लिखा था। कैंट एसओ विजयपाल ने बताया कि डीएम ने मंगलवार को एनएसए की कार्रवाई के लिए संस्तुति दे दी है।
थाने आकर 20 लोगों ने अपने नाम नोट कराए, कहा कि हमारे सामने कत्ल हुआ, लेकिन अभी तक एक भी व्यक्ति ने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। जिसका फायदा आरोपी को मिल रहा है। दुकानदार भी सीधे तौर पर बात नहीं करना चाह रहे हैं। - विजय पाल, एसओ कैंट