हाफिजगंज पुलिस ने इजहार गैंग के पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर सेंथल में खाद और बीज व्यापारी के घर हुई पांच लाख की डकैती का खुलासा कर दिया। बदमाशों के पास से 8650 रुपये, दो जोड़ी पाजेब, बीस ग्राम पीली धातु की छडे़ं, दो तमंचा और दो चाकू भी बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों में एक सुनार भी शामिल है। रैकी करने के लिए बदमाशों ने पड़ोस के लड़के प्रेमपाल को शामिल कर लिया था। गैंग लीडर इजहार अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने रविवार को पुलिस ऑफिस में पत्रकारों को बताया कि सेंथल में 13 जुलाई की रात 9-10 बदमाश छत का जाल काटकर खाद व्यापारी हिमांशु कुमार के घर में घुस गए थे। बदमाश उनकी पत्नी और मां को बंधक बनाकर एक लाख नकदी समेत लगभग पांच लाख के सोने चांदी के आभूषण लूटकर ले गए थे। व्यापारी ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। घटना का खुलासा करने के लिए दो टीमें गठित की थीं। एक टीम में एसओ धर्मेंद्र कुमार, एसआई सतीश मलिक, नेत्रपाल, महेंद्र और दूसरी टीम मे चौकी इंचार्ज सेंथल सतेंद्र कुमार, सुधीर कुमार और दिनेश शामिल थे। शनिवार रात सेंथल से फैजुल्लपुर वाले मार्ग पर एक गन्ने के खेत मे बदमाशों की होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो मुठभेड़ के दौरान बदमाशों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम नन्हे उर्फ नबी हसन निवासी नवदिया मिलक थाना किला, शराफत अली मोहल्ला पछाया, कस्बा सेंथल, रियासत ग्राम जादमपुर, थाना भोजीपुरा और प्रेमपाल निवासी यूको बैंक के सामने सेंथल बताया। पुलिस ने चारों के पास दो तमंचा कारतूस और दो चाकू बरामद किए हैं। नबी हसन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने डकैती का माल और जेवर शेरगढ़ के ब्रहमनान निवासी सराफा राजकुमार को बेचा है। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
सरगना समेत छह भाग गए
सीओ इंदू प्रभा सिंह ने बताया कि इजहार निवासी कस्बा सेंथल इस गैंग का सरगना है। गुड्डू उर्फ हसीन, नसीम निवासी मोहल्ला कावर टंकी चौराहा शेरगढ़, मानसिंह निवासी खजुआ जागीर थाना शेरगढ़, मुकर्रम मोहल्ला पछाया, कस्बा सेंथल, मजीद निवासी इमली बाग कस्बा सेंथल फरार हो गए।
शराफत के सहारे मिल गया गैंग
गैंग का अपराध करने का तरीका ही अलग है। वह घटना करने के पहले आसपास के किसी व्यक्ति को मिला लेते हैं। खाद और बीज कारोबारी के घर डकैती करने में भी यही फार्मूला अपनाया। पड़ोसी प्रेमपाल को दस हजार का लालच देकर शामिल कर लिया गया। पुलिस के हत्थे सबसे पहले शातिर बदमाश शराफत लगा। इसके बाद गैंग के बाकी साथी पकड़े गए।