झारखंड से लाकर लड़कियां बेचने वाले राजाराम की कहानी लंबी है। चार भाईयों में तीसरे नंबर का राजाराम पुलिस की मेहरबानी से न केवल झोलाछाप डॉक्टर बना हुआ है बल्कि बिना लाइसेंस दो मेडिकल स्टोर भी चला रहा है। यानी सीएमओ दफ्तर तक उसकी पहुंच है। इसके साथ ही बिहार और झारखंड से लड़कियां लाकर बेचने का अवैध धंधा भी लंबे समय से चल रहा है। ताजा मामले में झारखंड की लड़की पुलिस को सौंपने के बाद राजाराम परिवार समेत घर में ताला लगाकर फरार है। पुलिस ने राजाराम समेत तीन आरोपियों के खिलाफ बल पूर्वक बंधक बनाकर रखने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। लड़की को समझाने के बाद गैंगरेप की बात हटा दी गई है।
शाही थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा निवासी राजाराम का पुलिस की मेहरबानी से शाही के मौर्य मार्केट और शेरगढ़ में बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चल रहा है। इंटर तक शिक्षित राजाराम खजुरिया गांव में क्लीनिक खोलकर झोलाछाप डॉक्टरी करता है। उसका गांव की कोटेदार के घर भी आना जाना है। राजाराम की ससुराल पढेरा गांव में है जो बसपा विधायक सुल्तान बेग का भी गांव है। रम्पुरा के रईस खां, लक्खन खां, राशिद और प्रेमपाल की मानें तो राजाराम के क्लीनिक और घर पर दिन और रात में महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। ज्यादातर महिलाएं गर्भपात कराने आती हैं। इसलिए गांव वाले भी शक नहीं करते। नाम न छापने की शर्त पर पड़ोसियों का कहना है कि राजाराम ने झारखंड से लड़कियों की खरीद बिक्री का कारोबार करने के लिए गैंग बनाया है। इसमें मुकेश, रवि, राधेश्याम समेत तीन महिलाएं भी शामिल हैं। राजाराम के अवैध कारनामों को पुलिस का पूरा संरक्षण है। शाही थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद लोगों ने राजाराम को प्रेमपुर गांव में अपने चार साथियों के साथ देखा। लोगों ने बताया कि वह मोबाइल पर किसी से लड़की को बेचने की बात कर रहा था। मतलब, राजाराम के चुंगल में एक और लड़की है लेकिन पुलिस जानबूझकर उसे छूट दे रही है।
लड़की ने मेडिकल कराने से किया इनकार
झारखंड से बेचने के लिए लाई गई लड़की प्रधान के मार्फत थाने पहुंचने पर 24 घंटे पहले जहां राजाराम के घर में चार लोगों पर गैंग रेप का आरोप लगा रही थी। पुलिस कस्टडी में रात भर रहने के बाद दबाव में आई लड़की ने प्राइवेट पार्ट की जांच कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने फिर भी खानापूरी के लिए शरीर के बाकी हिस्से का मेडिकल कराया जिसमें चोट नहीं निकली। अस्पताल में आई लड़की अपने बयान से मुकर गई। मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने लड़की के मां बाप को बुलाया है ताकि उसे उनके सुपुर्द किया जा सके।
लड़की का जर्नल मेडिकल कराया गया है। गैंगरेप उसके साथ नहीं हु़आ। उसने मेडिकल खुद कराने से मना कर दिया। राजाराम और सहदेव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हरचरन सिंह यादव, एसओ शाही