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नवाबगंज एसडीएम के स्टेनों पर पुलिस मेहरबान

Tue, 19 Apr 2016 01:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों की मदद करने के आरोप में थाने लाए गए एसडीएम नवाबगंज के स्टेनो कामरान पर पुलिस मेहरबान हो गई है। बहन की शादी का हवाला देकर उन्हें छोड़ दिया गया।  
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नवंबर 2014 में फरीदपुर के रहने वाले रघुलाल से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपी सुल्तानपुर निवासी हौसला प्रसाद उसके बेटे अमित कुमार जेल से छूटने के बाद पूरे मामले को मैनेज कर फिर से धंधा शुरू करने की फिराक में हैं। पुराना शहर निवासी नवाबगंज एसडीएम के स्टेनो कामरान ने हौसला प्रसाद को रुपये दिलाने में बिचौलिया की भूमिका निभाई थी, इसलिए पुलिस ने उनका नाम भी मुकदमे में खोलने के बाद उनका कोर्ट से वारंट ले रखा है। वादी बार-बार पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों से शिकायत करके पुलिस पर कामरान को बचाने का आरोप लगा रहे थे। इस पर दो दिन पहले पुलिस कामरान को उठा लाई। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में कामरान का कहना है कि उनके भांजे के रुपये भी हौसला प्रसाद ने हड़पे हैं। बिना वजह उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। कामरान ने पुलिस को बताया कि तीन अप्रैल को उसकी बहन की शादी है। इसलिए उसे थोड़ा वक्त चाहिए कुछ उनकी सिफारिश भी आ गई। एसएसआई बारादरी धीरज शुक्ला ने बताया कि वादी भी नहीं चाहता है कि कामरान जेल जाए। हौसला प्रसाद वादी से समझौता करने के लिए बात कर रहा है। कामरान की बहन की शादी थी, इसलिए हमने उन्हें फिलहाल छोड़ दिया। बाद में जरूरत होगी तो फिर से पकड़ लेंगे। 
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