पुलिस मुल्जिम को कागजों में तलाशती रही और पांच लोगों की हत्या के आरोपी सोनू ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेजने का आदेश पारित कर दिया।
बारह सितंबर को हाफिगंज थाना क्षेत्र के गांव तिगरा स्थित झाला में रहने वाले सुच्चा सिंह, उसकी पत्नी जसप्रीत कौर, उनके बेटे गुरदयाल, हरदयाल और आशु की नृशंस हत्या कर दी गई थी। सुच्चा सिंह की मां बलवीर कौर की ओर से हाफिगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम मृतक सुच्चा सिंह के मझले भाई कश्मीरा सिंह व पीलीभीत जिले के कस्बा पूरनपुर निवासी बहनोई सोनू ने दिया था। इस मामले में पुलिस कार्रवाई शुरू में काफी तेज रही, जिसका नतीजा यह हुआ कि घटना के दूसरे दिन ही हत्यारोपी कश्मीरा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
कश्मीरा सिंह से पूछताछ के बाद हत्या के मुकदमे में सोनू सिंह का नाम खोला गया था। घटना का खुलासा होने के दो-तीन दिन बाद तक सोनू की तलाश में पूरनपुर और बीसलपुर समेत कई जगह दबिश दी गई थी। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। चूंकि ऐसी घटनाओं में पर्चा रोज काटना होता है। इसलिए पुलिस केवल पर्चे में हत्यारोपी सोनू को तलाशती रही। मगर दबिश कहीं नहीं दी गई। पुलिस की सुस्ती देख सोनू ने योजना के तहत बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। गौरतलब यह कि उसके सरेंडर करने की जानकारी पुलिस को मिल गई थी। फिर भी गिरफ्तार करने की कोशिश नहीं की गई। एसओ गौरव सिंह ने बताया कि सोनू ने बृहस्पतिवार को न्यायालय में सरेंडर कर दिया। उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।
छोटा भाई बेचने लगा कच्ची शराब
अवैध शराब के धंधे को लेकर तिगरा गांव हमेशा सुर्खियों में रहता है। सुच्चा सिंह भी अवैध रूप से कच्ची शराब बेचता था। उसकी मौत के बाद छोटे भाई ने कच्ची शराब बेचना शुरू कर दिया है।