यह है मामला
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने 15 अक्तूबर को कैंट थाने में पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्द कहने, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही आरोप लगाया गया है कि फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कंपनियों में निदेशक पद से हटा दिया गया। अब मंत्री के बयानों में बताए गए ठिकानों और वहां उपलब्ध हो सकने वाले दस्तावेजों का सत्यापन जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। उत्तराखंड की एसआईटी इस प्रकरण की जांच कर रही है।
हिस्ट्रीशीटर पप्पू गिरधारी पर 39 मुकदमे
हिस्ट्रीशीटर गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ बरेली के अलग-अलग थानों में 39 मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, इनमें से अधिकतर में वह दोषमुक्त हो चुका है। बरेली पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, जोगी नवादा निवासी 65 साल का पप्पू गिरधारी बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
उसके खिलाफ दर्ज 39 मुकदमों में से 33 उसके निवास क्षेत्र के थाना बारादरी में दर्ज हैं। प्रेमनगर व कोतवाली में दो-दो, इज्जतनगर और बहेड़ी में एक-एक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ मारपीट, हमले के आरोप में पहली रिपोर्ट बारादरी थाने में 18 जून 1981 को दर्ज हुई थी, जिसमें वह कुछ समय बाद ही दोषमुक्त हो गया।
उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे और वह दोषमुक्त होता रहा। कुछ ही मामले ऐसे हैं, जिनमें उसकी चालानी रिपोर्ट भेजी गई और पुलिस ने चार्जशीट लगाई। इस दौरान उसके खिलाफ गुंडा एक्ट, हिस्ट्रीशीट खोलने जैसी कार्रवाई भी हुई।