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रेखा आर्या प्रकरण: पप्पू गिरधारी ने कहा- मैं भी भाजपाई, सुनवाई नहीं हुई तो पीएम आवास के सामने दूंगा धरना

Tue, 20 Oct 2026 12:14 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी ने खुद को निर्दोष बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कहा कि अगर उसकी सुनवाई नहीं हुई तो धरना देंगे। 
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पप्पू गिरधारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का पति बरेली निवासी पप्पू गिरधारी भले ही हिस्ट्रीशीटर हो, वह सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो डालकर खुद को भाजपाई बता रहा है। वह फेसबुक पर लाइव आकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को संबोधित वीडियो में बता रहा है कि वह भी भाजपा कार्यकर्ता है। वह 1995 से 2000 तक सभासद रहा। वर्ष 2000 में महापौर का चुनाव लड़ा। कई पदों पर रहा। आज भी भाजपाई है और धार्मिक संगठनों से जुड़े 37 पदों की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

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वीडियो में पप्पू कह रहा है कि सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के आवास पर धरना दूंगा। वहां भी सुनवाई न हुई तो प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना दूंगा। फिर भी नहीं सुनी गई तो हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा। वह खुद को बेकसूर बताकर दावा कर रहा है कि उसने कोई जुर्म नहीं किया है, कोई भ्रष्टाचार नहीं किया।

निष्पक्ष जांच की मांग 
फेसबुक लाइव में पप्पू कह रहा है कि वह अधिकारियों से तहरीर की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कहेगा। यदि वह दोषी साबित हो तो थाने बुलाकर जेल भेज दें, अन्यथा तहरीर देने वाले के खिलाफ कार्रवाई करें। पप्पू इशारों में मंत्री पत्नी को चेतावनी दी है कि आप विचार कर लो। मेरी प्रार्थना है। आप भावुकता में या किसी के कहने पर जो आचरण कर रही हैं वो ठीक नहीं है, हम 25 साल साथ रहे हैं। आपने जो मेरी दुर्दशा की है, उसके लिए बाबा वनखंडीनाथ आपको माफ नहीं करेंगे। 

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यह है मामला 
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने 15 अक्तूबर को कैंट थाने में पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्द कहने, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही आरोप लगाया गया है कि फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें कंपनियों में निदेशक पद से हटा दिया गया। अब मंत्री के बयानों में बताए गए ठिकानों और वहां उपलब्ध हो सकने वाले दस्तावेजों का सत्यापन जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। उत्तराखंड की एसआईटी इस प्रकरण की जांच कर रही है। 
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हिस्ट्रीशीटर पप्पू गिरधारी पर 39 मुकदमे
हिस्ट्रीशीटर गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ बरेली के अलग-अलग थानों में 39 मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, इनमें से अधिकतर में वह दोषमुक्त हो चुका है। बरेली पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, जोगी नवादा निवासी 65 साल का पप्पू गिरधारी बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। 

उसके खिलाफ दर्ज 39 मुकदमों में से 33 उसके निवास क्षेत्र के थाना बारादरी में दर्ज हैं। प्रेमनगर व कोतवाली में दो-दो, इज्जतनगर और बहेड़ी में एक-एक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ मारपीट, हमले के आरोप में पहली रिपोर्ट बारादरी थाने में 18 जून 1981 को दर्ज हुई थी, जिसमें वह कुछ समय बाद ही दोषमुक्त हो गया। 
 
उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे और वह दोषमुक्त होता रहा। कुछ ही मामले ऐसे हैं, जिनमें उसकी चालानी रिपोर्ट भेजी गई और पुलिस ने चार्जशीट लगाई। इस दौरान उसके खिलाफ गुंडा एक्ट, हिस्ट्रीशीट खोलने जैसी कार्रवाई भी हुई।
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