जिला अस्पताल के महिला वार्ड से दुष्कर्म पीड़िता के लापता होने के बाद कोतवाली पुलिस ने ढूंढने की कोशिश तक नहीं की। सात महीने की गर्भावस्था के बीच अस्पताल से लापता होने के बाद आशंका जताई जा रही है कि पीड़िता फरार आरोपी के कब्जे में है। वहीं संदेह इस बात का भी जताया जा रहा है कि कहीं लड़की आनर किलिंग का शिकार न हो गई हो। दुष्कर्म पीड़िता के अस्पताल से गायब होने के चौबीस घंटे बाद विवेचक अमृत लाल को जिला अस्पताल के महिला वार्ड की सीसीटीवी फुटेज जांचने की सुध आई, लेकिन कैमरों में नाइट विजन नहीं होने से पुलिस परछाईयों का पीछा कर रही है। अहम बात यह भी है कि पुलिस ने पीड़िता के परिवार से भी संपर्क नहीं साधा है।
हाफिजगंज की एक हाईस्कूल छात्रा अप्रैल 2016 में लापता हो गई थी। परिवार ने खोजबीन में पता किया कि बहेड़ी के कचनारी निवासी रामकुमार के साथ वह देखी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज करके राजकुमार के पिता को जेल भेज दिया। आरोपी राजकुमार को पुलिस नहीं पकड़ सकी। पुलिस ने छात्रा को बरामद करके कोर्ट में पेश किया। पुलिस की बरामदगी के बाद सामने आया कि दुष्कर्म पीड़िता सात महीने का गर्भवती हो चुकी थी। पीड़िता ने परिजनों के साथ जाने से मना किया तो कोर्ट ने उसे नारी निकेतन भेज दिया।
बीते रविवार सुबह उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद नारी निकेतन के अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल भिजवा दिया था। इलाज के लिये महिला वार्ड में रखा गया था। उसकी सुरक्षा के लिए महिला होमगार्ड मोना और पुष्पा को तैनात किया गया था। डॉक्टरों ने बीते सोमवार को कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी दुष्कर्म पीड़िता अचानक लापता हो गई है। महिला होमगार्ड ने सुबह साढ़े नौ बजे नारी निकेतन के अधिकारियों को दुष्कर्म पीड़िता के लापता होने की सूचना दी। विवेचक अमृत लाल ने बताया कि लड़की जिला अस्पताल में रात आठ बजे तक थी। इसके बाद वह कहां गई पता नहीं। सीसीटीवी से भी मदद नहीं मिली है। आरोपी राजकुमार फरार है। आशंका है कि उसी ने छात्रा को गायब किया है।