किला इलाके में रेप पीड़िता को आरोपी और उसके घर वालों ने मंगलवार को भरी कचहरी में निर्ममता से पीट दिया। उसके पेट पर लातें मारीं। कपड़े फाड़ने की कोशिश की, और यह सब हुआ पुलिस के सामने। पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागी। उसने डीआईजी से मिलकर अपनी व्यथा बताई। डीआईजी ने इस मामले में तत्काल सीओ द्वितीय स्नेहलता को जांच के आदेश दिए हैं।
मोहल्ला बल्ली मियां की मजार के पास रहने वाले राकिब खान उर्फ वली की बटलर प्लाजा में मोबाइल की दुकान है। उसने अपनी दुकान पर मोबाइल सही कराने आई लड़की को पहले झांसा देकर अपने जाल में फंसाया फिर शादी का वादा कर हवस का शिकार बना लिया। लड़की ने जब शादी के लिए जोर डाला तो वह मुकर गया। लड़की ने 7 सितंबर को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 10 सितंबर को कोर्ट में बयान हुए इसके बाद मुकदमा रेप की धाराओं में तरमीम हो गया। 16 सितंबर को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राकिब को जेल भेज दिया था। लगभग पौन तीन महीने बाद 2 जनवरी को जमानत हुई। राकिब जमानत पर छूटने के बाद सोमवार को कचहरी पहली तारीख पर गया था। लड़की का आरोप है कि आरोपी और उसके भाइयों ने उसे कचहरी में देखते ही उसकी लात-घूंसों के पिटाई कर दी। उसके पेट पर आरोपी ने कई लातें मारीं, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। पीड़िता मामले की शिकायत लेकर थाना किला पहुंची तो इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम ने दो सिपाहियों के साथ पीड़िता को भी आरोपी का घर दिखाने भेज दिया। आरोप है कि इसी बीच राकिब उसके भाई शाहवेज, परवेज भी आ गए। तीनों ने फिर रेप पीड़िता की सिपाहियों के सामने ही पिटाई कर दी। किसी तरह वह जान बचाकर वहां से भागी। मंगलवार को पीड़िता ने डीआईजी से मिलकर अपना दर्द सुनाया। डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच सीओ द्वितीय को सौंप दी है। सीओ द्वितीय स्नेहलता ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए हैं। उसने रेप करने के आरोपी और उसके भाइयों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। दूसरे पक्ष के लोगों के भी बयान लेकर रिपोर्ट बनाई जाएगी।