प्रेमनगर पुलिस ने डीआईजी आशुतोष कुमार के आदेश पर तलाक के बाद दोबारा निकाह करने का झांसा देकर रेप करने के आरोप में जरी ठेकेदार और उसके पिता समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता का कहना है कि वह आरोपियों को सजा दिलाने के साथ पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर अपनी मासूम बेटी को वापस लेने के लिए भी जंग लड़ेगी।
बृहस्पतिवार को पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा लिखने के बाद रात में एफआईआर की कापी दी गई। लड़की पर जुल्म करने वाले शावेज और उनके पिता शकील का पुलिस ने रेप, धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुल्जिम बनाया है। शावेज को कानूनी शिकंजे से बचाने को समझौता कराने की साजिश करके धोखाधड़ी करने के आरोप में थाना किला के मोहल्ला चिड़ीमार कु आं, जामा मस्जिद जखीरा, किला निवासी अजमेरी मियां और मोहल्ला ब्रह्मपुरा, भूड़ के रहने वाले रफ्फन खां के नाम शामिल हैं। पीड़िता के मुकदमा खत्म कराने को अदालत में बयान देने से पहले शावेज के लिए इन्हीं तीनों ने शपथ पत्र तैयार कराया था। अजमेरी मियां शहर के जिम्मेदार व्यक्ति हैं। जामा मस्जिद की कमेटी से भी उनका जुड़ाव है। शावेज का साथ देने से उन्हें लेकर भी तमाम सवाल खड़े होने लगे हैं। कानूनी शिकंजे में फंसने के बाद अजमेरी मियां लड़की के रिश्तेदार के घर पहुंच गए। कहने लगे उनसे गलती हो गई। वह लड़की के साथ हैं।
शावेज को कानून का खौफ नहीं था
शावेज ने लड़की पर इतने जुल्म किए कि सुनने वाला भी हैरान रह जाता है। बेटी पैदा होने पर उसने निकाह करने के बाद युवती पर और ज्यादा जुल्म करने शुरू कर दिए। बेसहरा से पीछा छुड़ाने के लिए उसने अपने ही खून को दूसरे के हवाले कर दिया। जुल्म की दास्तां यहीं खत्म नहीं हुई। उसने तलाक देकर उसके फरीदपुर में बूढ़े व्यक्ति के हवाले कर दिया। वहां दो महीने बाप की उम्र के बुजुर्ग ने उसे पत्नी की तरह रखा। वहां से किसी तरह घर वापस आकर शावेज के खिलाफ मुकदमा लिखाया तो पुलिस आरोपियों के साथ खड़ी हो गई। तलाक के बाद भी शावेज लड़की को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। इतना ही नहीं उसने अप्राकृतिक मैथुन भी किया
मेरी बेटी को बेचा गया है
पीड़िता का कहना है कि पैदा होने के 15 दिन बाद ही शावेज और उसके परिवार वालों ने साजिश करके उसकी मासूम बेटी को बेच दिया था। शावेज और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ डीआईजी साहब की मेहरबानी से मुकदमा लिख गया है। अब वह अपनी बेटी को पाने के लिए जंग शुरू करेगी। इसके लिए अलग से मुकदमा लिखाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शावेज, उसके पिता और परिवार की महिलाओं की भूमिका भी उसके मासूम बच्चे बेचने में अहम रही है। पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर वह उन्हें फर्जी गोदनामा दिखाएगी।