प्रधानी रंजिश के चलते सिंघाई कला में गुरुवार को दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष के बाद बलवे और लूटपाट में नामजद प्रधान के पति नईम और उसके भाई अकील को पुलिस ने उठाया था लेकिन दोनों भुता थाने से रस्सी काटकर हथकड़ी समेत भाग गए। दबाव बनाने के पुलिस ने दबिश देकर उनके कई रिश्तेदारों को उठा लिए हैं। एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीओ फरीदपुर को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। जांच के बाद लापरवाही पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
गुरुवार शाम छह बजे सिंघाई कला में ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश मेें मासूम अली व वासिफ का प्रधान के पति नईम और उसके भाईयों से विवाद हो गया था। मारपीट के दिन मासूम अली और उनका भाई बाइक से फरीदपुर ग्रोवर कोल्ड स्टोर से आलू बिक्री का हिसाब करके लौट रहे थे। आरोप था कि उसी समय अपने मकान के सामनेे प्रधान के पति नईम खां और उनके परिवार के कलीम खां, नसीम खां, अकील खां, सलीम, आसिफ खां, रमजान खां, जाबिर खां और अबरार खां ने वसीम को घेरकर लाठी डंडों से हमला कर दिया था। इसमें वासिफ अली और उसके चाचा मासूम अली को गंभीर चोटें आई थीं। आरोप है कि इनसे 90 हजार रुपये भी छीन लिए थे। बाद में हमलावर जान से मारने की नियत से फायर करते हुए फरार हो गये। इसकी रिपोर्ट थाना भुता में वासिफ अली की ओर से आज ग्राम प्रधान के पति नईम सहित सभी नौ लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले और लूट की धारा में दर्ज कराई गई है। शुक्रवार को बरेली अस्पताल से मासूम अली को देख कर वापस घर आ रहे मास्टर रफीक अहमद की बाइक को प्रधान के पति नईम ने अपने मकान के सामने रोककर अपने साथियों कलीम, सलीम, अकील, नसीम के साथ डंडों से उन पर हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष गौरव सिंह यादव ने फोर्स के साथ घेरकर खेतों में भाग रहे नईम और उसके भाई अकील को पकड़ लाए थे। मौके पर खड़ी प्रधान की स्कार्पियो गाड़ी जब्त कर ली गई। इसमें कई लाठी, डंडे और तमंचा-कारतूस भी बरामद किए हुए थे। रात में पुलिस के पहरे के बीच रस्सी काटकर प्रधान पति और उसका भाई अकील थाने के भाग गए। इससे रात की ड्यूटी पर तैनात मुंशी और संतरी को पसीना छूट गया। शनिवार को प्रधानपति और उसके भाई के थाने से भागने की सूचना से हड़कंप मच गया। एसओ पूरे मामले को दबाने में लगे रहे। मीडिया को भी मैनेज करने की कोशिश की गई। पुलिस ने प्रधान पति के रिश्तेदारों के यहां दबिश दी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
सीओ बोलीं, हमारी हथकड़ी तो पूरी हैं
सीओ फरीदपुर नीति द्विवेदी का कहना है कि भुता थाने से लिखा-पढ़ी में कोई मुल्जिम नहीं भागा है। थाने में हथकड़ी पूरी हैं। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।