ठग लोगों को शिकार बनाने के रोज नये-नये तरीके तलाश रहे हैं। ताजा मामला फेसबुक पर फ्रेंड बनाकर युवक को प्रेमजाल में फंसने और फिर ठगने की कोशिश का सामने आया है। इसमें लड़कियों का पूरा गैंग सक्रिय है।
एक महीना पहले आकाशपुरम कॉलोनी में रहने वाले बीए के छात्र जावेद अहमद के पास मैरी फिरीमन नाम की एक लड़की की फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। उसने इसे स्वीकार कर लिया। चैटिंग शुरू हुई तो उसने बताया कि वह यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर शहर की है और मॉडलिंग करती है। तीसरे ही दिन इस लड़की ने जावेद से अंग्रेजी में फोन पर बात की तो वह घबरा गया। खैर टूटी-फूटी अंग्रेजी में उसने भी चंद मिनट बात की। इसके बाद चैटिंग के दौरान जावेद ने अंग्रेजी में कमजोर होने की बात भी शेयर कर ली, लेकिन बातचीत में यह भी कह दिया कि अगली बार वह उससे वीडियो कॉल के जरिए बात करना चाहता है, लेकिन मैरी ने कहा कि उसे वीडियो कॉल पसंद नहीं है। इस पर जावेद का माथा ठनक गया। इसी बीच मैरी ने जावेद का नंबर लेकर उससे व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू कर दी। अचानक शाम को उसने जावेद से कह दिया कि वह उसे देखने इंडिया आ रही है। उसके लिए कुछ आई फोन और कीमती घड़ियां भी खरीद ली हैं। व्हाट्सएप पर फोन और घड़ियों का फोटो भेजकर विश्वास जमाने की कोशिश भी की। जावेद को गड़बड़ी का अहसास हो गया था, इसलिए उसने मना कर दिया। बुधवार को उसके मोबाइल पर सबेरे ही फोन आ गया। फोन करने वाली लड़की हिंदी में बोल रही थी। उसने कहा, आपकी दोस्त मुुंबई आ गई हैं। एयरपोर्ट पर उनके साथ कुछ दिक्कत आ गई है। कस्टम विभाग के अफसरों ने उनका सूटकेस कब्जे में ले लिया है। वह जो सामान लाईं हैं, सूटकेस में ही रखा है। 35 हजार रुपये की जरूरत है। आपको उनकी मदद के लिए पैसा भेजना होगा। अकाउंट नंबर बता देती हूं। खुद को मैरी बताने वाली लड़की से भी उसने बात कराई। इधर, से जावेद ने जब रुपये न होने की बात कही तो लड़की कहने लगी कि इंतजाम करिए, लेकिन जावेद समझ चुका था कि उसके साथ ठगी की कोशिश हो रही है। उसने लड़की को हड़काया तो फोन कट गया। इसके बाद मैरी ने फेसबुक अकाउंट बंद कर लिया। व्हाट्सएप से भी वह गायब हो गई। जावेद ने चेक किया तो फेसबुक पर मैरी फिरीमन के नाम से करीब छह अकाउंट बने मिले। सभी पर अलग-अलग तस्वीरें लगी मिलीं। इस तरह की एक नहीं फेसबुक पर तमाम फर्जी आईडी बनी हैं। जावेद ने पता किया तो मालूम हुआ कि उसके कई दोस्तों के संपर्क में भी मैरी थी। हालांकि, किसी के साथ ठगी करने में वह कामयाब नहीं हो पाई। हर महीने इसी तरह ऑनलाइन ठगी की औसतन पांच शिकायतें आ रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती है।
सौ बार सोचें
फेसबुक पर किसी हसीन चेहरे से दोस्ती करने से पहले सौ बार सोच लें। फर्जी अकाउंट बनाकर लड़कियां ठगों का गैंग चलाती हैं। ये लड़कियां फेसबुक पर दोस्ती कर युवाओं को प्रेमजाल में फंसाने के बाद इंडिया आने का वादा करती हैं। लाखों का गिफ्ट लाने का लालच भी देती हैं। इसके बाद एयरपोर्ट पर मुसीबत में फंस जाने का बहाना बनाकर रुपये की डिमांड करने लगती हैं।
फेसबुक पर दोस्त बनाते समय सतर्क रहने की जरूरत है। परिचित को ही दोस्त बनाएं। फर्जी आईडी बनाकर ठगी करने वालों को पकड़ना मुश्किल होता है। फिर भी इस तरह की शिकायतें आने पर पुलिस का साइबर सेल फेसबुक मुख्यालय मेल भेजकर आईडी बंद करा ठगी करने वालों का पता लगाता है। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होती है। - विजय सिंह मीना, आईजी।