Flags, Banners unloading altercation with police
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
परमीशन के बाद भी मकानों से भाजपा के झंडे, बैनर और फ्लैक्स उतारने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हो गई। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हो गए। महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया ने कैंट विधायक राजेश अग्रवाल को जानकारी दी। विधायक ने परमीशन के बाद भी झंडे बैनर जबरदस्ती उतारने के पुलिस के रवैये की शिकायत जिलाधिकारी से की। एडीएम ने परमीशन की पुष्टि की तो पुलिस वापस चली गई।
बुधवार अपराह्न दो बजे बारादरी पुलिस सिकलापुर में पहुंची। यहां तीन मकानों पर भाजपा के झंडे बैनर और पोस्टर लगे थे। पुलिस ने उनको उतरवाना शुरू कर दिया। जिन मकानों परे ये झंडे लगे थे, उनकी परमीशन पहले से थी। भाजपा कार्यकर्ता मोहित कपूर ने मोबाइल से ये सूचना पार्टी महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया और कैंट विधायक राजेश अग्रवाल को दी। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता अजय जेटली की अगुवाई में एकत्र होकर पुलिस का विरोध करने लगे। भाजपाइयों और पुलिस के बीच इसे लेकर काफी नोकझोंक हो गई। कैंट विधायक राजेश अग्रवाल और महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया जिलाधिकारी की मीटिंग में थे। विधायक ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रथम ने पुलिस चौकी फोन कर परमीशन की बात कही। इस पर पुलिस वापस लौट गई। भाजपा महानगर अध्यक्ष उमेश कठेरिया ने बताया कि पुलिस चुनाव आयोग का डर दिखाकर दहशत का माहौल बना रही है। विरोध जताने वालों में जतिन भाटिया, राज अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, अंकुश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मोहित कपूर समेत तमाम कार्यकर्ता शामिल थे।
सिकलापुर में मकानों पर झंडे बैनर और बड़ा सा पोस्टर लगा था। वह साइकिल निशान वाले थे। भाजपा का उनसे कोई मतलब नहीं था। वह हमने उतारने को कहा तो वहां मौजूद लोगों ने परमीशन की बात कही। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। राजेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक बारादरी