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साथी का नाम उगलवाने को पुलिस ने अनुज को दी थर्ड डिग्री

Sun, 23 Apr 2017 01:21 AM IST
बरेली। 
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साथी का नाम उगलवाने को पुलिस ने अनुज को दी थर्ड डिग्री - फोटो : Police give Anuj to third party
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बाइक चोरी के आरोपी से उसके साथियों के नाम उगलवाने के लिए पुलिस ने  थर्ड डिग्री पर उतर आयी। पुलिस पिटाई से आरोपी की हालत शुक्रवार देर रात बिगड़ गई। भोजीपुरा स्थिति एसआरएमएस अस्पताल में पुलिस ने आरोपी को गंभीर अवस्था में भर्ती कराया। देर रात उसकी हालत इतनी बिगड़ घई कि साथ के लोगों ने ये तक कह दिया कि वह दम तोड़ चुका है। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने आरोपी के परिवार को अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया। परिवार ने मरणासन्न बेटे को मृत मानते हुए विलाप शुरू कर दिया। पुलिस की पिटाई से बेटे की मौत के आरोपों के साथ अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। रात करीब 2.45 बजे एसपी सिटी समीर सौरभ भी अस्पताल पहुंचे। परिवार वालों को आरोपी की खैरियत की जानकारी देकर शांत रहने के लिए कहा। सुबह एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी पहुंचे। परिवार वालों से मुलाकात की। अस्पताल के आईसीयू में आरोपी अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। 
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बिहारीपुर निवासी निखिल की कुतुबखाना स्थित डाक घर के बाहर बाइक खड़ी की थी। दोपहर ढाई बजे उनकी बाइक चोरी हो गई। करीब 3 बजे उन्होंने यूपी 100 पुलिस को बाइक चोरी की सूचना दी। यूपी 100 ने  उन्हें खुद भी बाइक ढूंढने के लिए कहा। निखिल अपने रिश्तेदार मनीष के साथ गाड़ियों के स्टैंड में बाइक को ढूंढते रहे। शाम करीब चार बजे दीप माला अस्पताल के सामने एक मैकेनिक की दुकान पर उन्हें अपनी बाइक खड़ी नजर आ गई। उन्होंने मैकेनिक से पूछा तो उसने एक युवक की तरफ इशारा करके बताया कि  बाइक की पेट्रोल टंकी के लॉक खुलवाने के लिए बाइक लाई गई है। निखिल ने युवक को पकड़कर बताया कि यह उसकी बाइक है। यूपी 100 को फोन करके बाइक मिलने की सूचना दी गई। निखिल के  पुलिस टीम वहां पहुंची। युवक को कस्टडी में लेकर कोतवाली लाया गया था। जहां उसकी पहचान अनुज भटनागर निवासी भूड़ सामने आया था।  
पुलिस पिटाई में अनुज बेसुध 
युवक से चोरी की बाइक बरामदगी के बाद पुलिस बड़े आटो लिफ्टर गैंग के खुलासे के लिए आरोपी को पुलिस लाइंस के कमरे में लेकर पहुंची। आरोप है कि आरोपी की जमकर पिटाई की गई है। आरोपी से उसके साथी का नाम उगलवाने के लिए दो घंटे तक पिटाई हुई। पुलिस पिटाई में अनुज बेसुध हो गया। शरीर ठंडा पड़ते देखकर पुलिस अनुज को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर अवस्था को देखते हुए हाथ खड़े कर दिए। अनुज को लेकर देर रात पुलिस एसआरएमएस पहुंची। अनुज को तत्काल आईसीयू में भर्ती किया गया। एक वक्त ऐसा आया जब उसकी दिल की धड़कन थम सी गई। पुलिस के अधिकारियों को भी अनुज की गंभीर हालत से अवगत करवा दिया गया। परिवार के हंगामें की आशंका पर पुलिस के कांस्टेबलों ने परिवार को अस्पताल से बाहर कर दिया।
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अनुज का इलाज पुलिस करवा रही है। बेहतर इलाज के लिए एसआरएमएस लाया गया है। वह आईसीयू में हैं। अनुज की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।  
-समीर सौरभ, एसपी सिटी  
पुलिस की जुबानी ------
पुलिस के अनुसार पब्लिक ने पीटा - कोतवाल कमलकांत ने बताया कि निखिल की तहरीर पर अनुज को हिरासत में लिया गया। चोरी की बाइक के साथ पकड़े जाने के बाद पब्लिक ने अनुज की जमकर पिटाई की थी। जब अनुज कोतवाली पहुंचा उसके कपड़े फटे हुए थे। उससे पूछताछ की जा रही थी इसी दौरान तबीयत बिगड़ी थी। उसको लेकर पहले जिला अस्पताल गए। दो घंटे के बाद डॉक्टरों ने एसआरएमएस के लिए रेफर किया था। एसआरएमएस में उसकी हालत बिगड़ने के बाद परिवार ने हंगामा किया तो दूसरे मरीजों को होने वाली दिक्कत के चलते उन्हें बाहर किया गया था। पुलिस ने अनुज की पिटाई नहीं की है।  

वादी की जुबानी  ----
हमने सही सलामत किया था पुलिस के  हवाले - मनीष के मुताबिक पब्लिक ने अनुज की पिटाई नहीं की। पकड़े जाने के बाद तत्काल यूपी 100 के सुपुर्द किया गया था। मनीष और निखिल शनिवार दोपहर एसएसपी कार्यालय पहुंचे। एसएसपी की अनुपस्थिति में सीओ जोगेंद्र कुमार से मुलाकात करके मनीष ने बताया कि यूपी 100 पुलिस के हवाले जब अनुज को किया गया तो वह सही सलामत था। रात करीब 9.30 बजे कोतवाल कमलकांत का फोन आया। जिला अस्पताल बुलाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद कई सादे कागज और एक अस्पताल के कागज पर हस्ताक्षर करवाया गया था। 
रात में भर्ती हुआ मरीज बेहोशी की हालत में था। शनिवार शाम तक उसे होश नहीं आया है। हीमोग्लोबिन भी मात्र 5 ग्राम थी। जिसके लिए उसे एक यूनिट खून चढ़ाया गया। अभी ब्लड प्रेशर भी सामान्य है। डॉक्टराें ने उसे तमाम जांच लिखी है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। अभी आईसीयू में है। देखने से प्रतीत हो रहा है मरीज की पिटाई की गई है। 
ब्रिगेडियर डॉ. एसके हांडा, चिकित्सा अधीक्षक, एसआरएमएस 
एसपी सिटी ने रातभर किया कैंप 
बरेली। देर रात खबर पाकर एसपी सिटी खुद अस्पताल पहुंचे और रातभर कैंप किया। डॉक्टरों के साथ मंथन के बाद मिनट-मिनट पर तबीयत का जायजा लिया जाता रहा।  रात में ही टीम को बुलाकर पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार जमकर लताड़ लगाने के बाद अधिकारियों ने टीम को कार्रवाई के लिए तैयार रहने के संकेत दिये हैं। अहले सुबह आलाधिकारियों को पुलिस कस्टडी में तबीयत बिगड़ने की जानकारी दी गई। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने अस्पताल पहुंचकर परिवार से मुलाकात करके उनका ढांढस बंधाया। परिवार को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
हालत बिगडी तो दर्ज हुई एफआईआर  
बाइक चोरी के मुकदमे को दर्ज करवाने के लिए अमूमन कई दिनों तक दौड़ाने वाली कोतवाली पुलिस ने पुलिस पिटाई में बाइक चोरी की हालत बिगड़ने के बाद एफआईआर लिखने में तनिक भी देर नहीं लगाई। बिहारीपुर निवासी निखिल को वादी बनाकर अनुज के खिलाफ बाइक चोरी का आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।  निखिल और मनीष ने युवक को यूपी 100 और बिहारीपुर चौकी इंचार्ज मयंक अरोरा के हवाले किया था। पूछताछ मेें युवक का नाम अनुज भटनागर निवासी ऊधम सिंह नगर बताया। 
चार थानों की पुलिस पहुंची 
अनुज को अस्पताल में भर्ती करने के बाद पुलिस ने उसके भाई आलोक भटनागर को सूचित किया। आलोक पटेलनगर में  दुकान लगाते हैं। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने ऊधम सिंह नगर में अपने परिवार को सूचित किया। परिवार के लोगों के पहुंचने के बाद अस्पताल में हंगामा की स्थिति बनने लगी। जिसके मद्देनजर भोजीपुरा, नवाबगंज, कोतवाली और इज्जतनगर थानों का पुलिसबल मौके पर तैनात कर दिया गया। एसपी सिटी समीर सौरभ ने खुद लोगों से बात करके उनसे शांत रहने की अपील की। 
क्या कातिल है मेरा बेटा! 
एसपी सिटी के पहुंचते ही आरोपी की मां सुनीता ने कहा तुम्हारी पुलिस ने हमारे बेटे की क्या हालत बना दी। लूट और कत्ल में होती होगी इतनी पिटाई। तुम लोग कातिलों को तो मेहमान बनाकर थाने में रखते हो। मेरे बेटे के पास से चोरी की बाइक मिल गई तो इतनी बेरहमी से पीट दिया। अगर उसने जुर्म किया है तो जेल भेजते, कोर्ट में केस होता। -
परिवार से बातचीत ---
पिता- अवधेश 
खटीमा स्थित कॉओपरेटिव बैंक में क्लर्क अनुज के पिता अवधेश ने बताया कि भूड़ निवासी बड़े बेटे की निजी अस्पताल में चाय की दुकान में मदद के लिए छोटे बेटे अनुज को साथ रखा गया था। बाइक चोरी की बात नहीं पता, लेकिन पुलिस को इतना नहीं पीटना था कि हमारा बेटा मरणासन्न हो जाए। रात में एक दफा तो उसे मरा हुआ ही घोषित कर दिया गया था। 
मां - सुनीता 
मां सुनीता ने रोते हुए कहा कि हमे अस्पताल से बाहर निकाल दिया। 20 से 25 कांस्टेबल तैनात कर दिया कि हम बेटे को देख न सकें। डॉक्टर कुछ बताने को नहीं तैयार। आईसीयू में दामाद सचिन देखकर आए तो पता चला कि शरीर ठंडा पड़ चुका है। वेंटीलेटर पर है ।  
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