थाना भुता के ग्राम खजुरिया संपत में पत्नी को जहर देकर मारने का आरोप सिद्ध होने पर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश राजाराम सरोज ने थाना उझानी के ग्राम ललुआ नगला निवासी कुलदीप शर्मा को दस वर्ष की कठोर कैद व बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
डीजीसी फौजदारी फिरासत उल्ला खां के अनुसार थाना भुता के ग्राम खजुरिया संपत निवासी वादिनी गुड्डो ने 24 फरवरी 2013 को लिखाई रिपोर्ट में कहा है कि घटना के लगभग सवा तीन वर्ष पहले उसने अपनी पुत्री सितारा देवी की शादी बरेली के थाना उझानी के ग्राम ललुआ नगला निवासी कुलदीप शर्मा से की थी। बाद में कुलदीप ने एक लाख दहेज के लिए उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। उत्पीड़न से सितारा देवी बीमार रहने लगी तो तीन माह पहले कुलदीप उसे खजुरिया छोड़ गया। गुड्डो गंगा नहाने गई तो घर पर सितारा देवी, जेठानी भूरी देवी, सास लौंगश्री ही थीं। रात दस बजे कुलदीप मोटर साइकिल से खजुरिया आया और मोटर साइकिल घर के अंदर खड़ी करके सितारा देवी के कमरे में सो गया।
सुबह छह बजे भूरी देवी और लौंगश्री ने देखा तो कुलदीप व मोटर साइकिल नहीं थी। कमरे में सितारा देवी मृत पड़ी थी। कुलदीप, सितारा का जेवर भी ले गया था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होेने पर बिसरा परीक्षण को भेजा गया, जिसमें जहर पाया गया। कुलदीप की ओर से दो गवाह पेश करके सफाई दी गई जिसमें कहा गया कि सितारा देवी बीमार रहती थी और उसने सब्जियों में डालने वाला कीटनाशक धोखे से पी लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। न्यायाधीश ने बिसरा के विष को कीटनाशक पाते हुए सजा सुनायी।