फर्जी एग्रीमेंट और गैस बैंक बनाकर फिनिक्स मॉल के प्रबंधन ने योगेश गैस इंटरप्राइजेज से 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मॉल में गैस पहुंचती रही, लेकिन भुगतान नहीं किया। मामले में मॉल के एमडी समेत छह लोगों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बीडीए कॉलोनी निवासी ममता दीक्षित ने योगेश इंटरप्राइजेज के नाम से डिफेंस कोटे से अंसारी कॉम्पलैक्स में गैस एजेंसी खोल रखी है। ममता के मुताबिक उनके यहां असीम कक्कड़ काम करते थे। उनके यहां से नौकरी छोड़ने के बाद असीम ने फिनिक्स मॉल में नौकरी कर ली। 16 दिसंबर 2011 को असीम ने उनकी एजेंसी पर पहुंचकर कहा कि वह फिनिक्स मॉल के गैस गोदाम में सप्लाई का ठेका दिला देंगे। असीम के ऑफर को सुनकर वह फिनिक्स मॉल को गैस की सप्लाई देने को राजी हो गईं। ममता दीक्षित का कहना है कि मॉल प्रबंधन ने कूटरचित फर्जी तरीके से एग्रीमेंट कराकर गैस की सप्लाई लेनी शुरू कर दी। सप्लाई का पता लगाने के लिए मॉल में घटिया मीटर लगाकर गैस बैंक बनाया गया। हर महीने डेढ़ सौ से 200 गैस सिलेंडरों की सप्लाई होती रही। मॉल प्रबंधन बीस सिलेंडर कम होने की रिपोर्ट उन्हें देते रहे। अगस्त 2012 से जुलाई 2016 तक 28 लाख 90 हजार की गैस की खपत मॉल में खुले आउटलेट्स, फूड कॉर्नर, रेस्टोरेंट आदि में हुई। इसका भुगतान अभी तक मॉल प्रबंधन ने नहीं किया। उन्होंने इसकी शिकायत मेल से उच्चाधिकारियों से की, फोन पर भी बताया गया। कार्रवाई के बजाए उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। परेशान होकर एजेंसी मालिक ने आईजी और एसएसपी से मामले की शिकायत करके कार्रवाई की मांग की। एसएसपी के आदेश पर देर रात इज्जतनगर थाने में फिनिक्स मॉल और ब्लैक बुड डेवलपर्स कंपनी के वॉइस प्रेसीडेंट संजय कुमार बनर्जी, जीएम संजीव शरीन, चेयरमैन एंव एमडी अशोक कुमार राधे कृष्ण रुईया, सीओ शिशिर श्रीवास्तव के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचकर 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा लिखा गया है। प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि मामले की छानबीन करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।