बालक मुनीश की हत्या और पुलिस की लापरवाही के खिलाफ रविवार को पब्लिक के गुस्से का लावा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने पीलीभीत बाईपास रोड बीसलपुर चौराहे पर करीब एक घंटे जाम लगाए रखा। लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और मुल्जिमों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी बीच भीड़ ने पुलिस प्रशासन का पुतला भी फूंका। वहां पहुुंचे इंस्पेक्टर कमरुल हसन ने तीन दिन में मुल्जिमों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब कहीं जाम खुला।
बारादरी थाना क्षेत्र के हरुनगला निवासी अशोक कुमार कश्यप का 12 वर्षीय बेटा मुनीश साइकिल पर फेरी लगाकर चीनी के गुल्ले (बुढ़िया के बाल) बेचता था। 13 अगस्त की सुबह वह साइकिल पर घर से निकला था लेकिन घर नहीं लौटा। दो लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शनिवार को बच्चे की लाश मिली। तभी से लोगों में आक्रोश है।
रविवार सुबह करीब 10.30 बजे परिवारवाले, रिश्तेदार, हरुनगला वासियों और आसपास के लोग इकट्ठे होकर पहले रुहेलखंड चौकी गए और फिर पीलीभीत बाईपास रोड बीसलपुर चौराहे पर जाकर रोड जाम कर दिया। महिलाएं एक-दूसरे के हाथ पकड़कर खड़ी हो गईं। कुछ ही देर में चौराहे के चारों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। उनका कहना था कि पुलिस सक्रिय होती तो बच्चे की जान बच सकती थी। अपहरण के तीन दिन बाद घटना का मुकदमा दर्ज किया गया। लापरवाही इस हद तक रही शनिवार अपराह्न तीन बजे बच्चे की लाश मिली थी और रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक पुलिस ने पंचनामा नहीं भरा। गुस्से में लोग रुक-रुककर पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। पूर्वाह्न सवा 11 बजे बारादरी इंस्पेक्टर कमरुल हसन मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाने की कोशिश की। लोग मुल्जिमों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। आखिर में इंस्पेक्टर ने तीन दिन में घटना का खुलासा कर मुल्जिमों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। उनकी बात पर लोग मान गए और 11.30 बजे जाम खोल दिया। पोस्टमार्टम बाद शाम पांच बजे बच्चे के शव को दफना दिया गया।
एक घर में मिली मुनीश की चप्पल, पांच हिरासत में
उधर, रविवार दोपहर रुहेलखंड चौकी पहुंचे एएसपी आकाश तोमर ने अधीनस्थ के साथ बैठक की। उन्होंने पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर छानबीन की। इस दौरान एक घर में मुनीश की चप्पल मिली है। संदेह के आधार पर चार-पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
छानबीन जारी है। संदेह में कुछ लोगों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। फील्ड यूनिट ने जुटाए सबूतों पर भी काम चल रहा है। - आकाश तोमर, एएसपी
घटनाक्रम
13 अगस्त को गायब मुनीश का कुछ पता नहीं चला तो सूचना रुहेलखंड पुलिस चौकी को दे दी गई। उधर, ग्रीनपार्क से सटी कुसुमनगर कालोनी में एक लावारिस साइकिल पड़ी होने की सूचना रुहेलखंड चौकी पुलिस को दी। पुलिस के बताने पर परिवारीजनों ने जाकर देखा तो साइकिल मुनीश की निकली। पिता अशोक ने अपने समधी नदोसी गांव के सीताराम व उसके बेटे सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के पीछे रुपये के लेन-देन का विवाद बताया गया। मुनीश को कुसुमनगर में जहां से अगवा किया गया था वहीं शनिवार को एक खाली प्लाट में झाड़ियों के बीच उसकी सड़ी लाश पड़ी मिली थी, जिसका कुछ हिस्सा कुत्ते नोचकर खा गए थे। मुनीश के अगवा होने पर पुलिस ने उसे खोजने में लापरवाही दिखाई, जिसको लेकर लोगों में खासा गुस्सा है।