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दोस्त को फोन करने का राज खुला तो छात्रा ने जान दे दी

Sat, 02 Jul 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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बरेली/सिरौली। नौवीं की छात्रा ने दोस्त से फोन करने का राज खुलने के डर से आत्मदाह कर लिया। सात दिन तक जीवन और मौत से जूझकर बृहस्पतिवार रात उसकी मौत हो गई। उसकी बातें चचेरे भाई के मोबाइल में रिकॉर्ड हो गई थी। भाई ने घर वालों को इस बारे में बताने की धमकी दी तो उसने जान देने का कदम उठा लिया। हालांकि पुलिस तक मामला नहीं पहुंचा है। 
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सिरौली के एक गांव की 15 साल की लड़की नौंवी में पढ़ती थी। 23 जून को उसने मौसी से बात करने के बहाने अपने चचेरे भाई का मोबाइल मांगा था। भाई ने कॉल रिकॉर्ड देखी तो वह दंग रह गया। लड़की ने गांव के ही अपने दोस्त से बात की थी। पूरी रिकार्डिंग सुनने के बाद उसने छात्रा से इस बारे में पूछा तो वह इन्कार करने लगी। भाई ने घर वालों को रिकॉर्डिंग सुनाने की धमकी दे दी। बताया जा रहा है कि भेद खुलने के डर से वह टेंशन में आ गई। उसने घर वालों की गैर मौजूदगी में 23 जून को कमरे में जाकर केरोसिन छिड़कर आग लगा ली। चीख पुकार मचने पर पड़ोसी पहुंचे और जैसे-तैसे आग बुझाई। घारमपुर बाजार गए उसके पिता को घर बुलाया गया और उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। दो दिन पहले ही उसे जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया जहां बृहस्पतिवार रात उसने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को छात्रा का पोस्टमार्टम कराया गया। मामला दो अलग-अलग बिरादरी से जुड़ा होने के कारण परिवार और गांव वाले अधिक जानकारी देने से बच रहे हैं। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि अभी तक मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। 
तीन भाइयों में अकेली थी बहन
आग लगाकर आत्मदाह करने वाली छात्रा तीन भाइयों के बीच में अकेली बहन थी। भाई के अनुसार अकेली होने की वजह से परिवार की लाडली थी। पता नहीं ऐसा क्या हो गया कि उसने आग लगाने की सोच ली। कभी किसी को कुछ बताया भी नहीं। पिता और तीनों भाई गांव में रहकर खेती करते हैं। पिता का कहना था कि उनकी बेटी के मजिस्ट्रेट ने  बयान लिए थे। उसमें ही आग लगाने की वजह बताई होगी। वह कुछ नहीं जानते। 
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