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अफसरों के उत्पीड़न से तंग कर्मचारी ने की आत्महत्या

Fri, 26 Feb 2016 01:58 AM IST
बरेली
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बिशारतगंज(बरेली)। सहकारी संघ/बीज भंडार, बिशारतगंज के कामदार ने अधिकारियों के उत्पीड़न से तंग आकर बृहस्पतिवार तड़के जहर खाकर जान दे दी। मृतक के बिस्तर से मिले सुसाइड नोट के आधार पर बेटे ने तहरीर दी। पुलिस ने अपर जिला सहकारी अधिकारी आंवला एवं मझगवां के एडीओ सहकारिता के खिलाफ उत्पीड़न करके आत्महत्या करने को मजबूर किए जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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इटावा जनपद के थाना बकेवर के गांव नगला बनी निवासी बादाम सिंह यादव (59) की करीब 28 वर्ष पहले बिशारतगंज सहकारी संघ/बीज भंडार पर कामदार के पद पर तैनाती हुई थी। तैनाती के बाद बादाम सिंह ने संघ के एक कमरे को ही अपना निवास बना लिया था। जिसमें वह अकेले रहते थे। वर्तमान में वह राजपुर कलां, महमूदपुर एवं केसरपुर सहकारी संघ के प्रभारी सचिव का काम देख रेख रहे थे और बिशारतगंज संघ से भी अटैच थे। बताया जाता है कि राजपुर कला संघ पर तैनात सेल्समैन चंद्रपाल का 26 माह का वेतन बकाया था। चंद्रपाल ने खाद ब्रिकी की करीब दो लाख की रकम रोक ली और वेतन न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी देकर वेतन के मद में प्राप्त होना लिखवा लिया। चंद्रपाल ने रकम लेने के बाद इस्तीफा लिखकर दे दिया था। खाद ब्रिकी की रकम वेतन में दिए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद एडीसीओ व एडीओ सहकारिता बादाम सिंह यादव पर लगातार खाद की रकम जमा करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। दोनों अधिकारियों ने रकम जमा न करने पर गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी थी। 23 फरवरी को एडीसीओ ने बिशारतगंज आकर बादाम सिंह यादव को जमकर हड़काया। मामला निपटाने के लिए धन की मांग की जा रही थी। बादाम सिंह को ग्यारह माह से अपना वेतन नहीं मिला था। आर्थिक तंगी से गुजर रहे बादाम सिंह ने संघ के चौकीदार अशर्फीलाल साहू से उधार लेकर उस दिन दो हजार रुपये एडीसीओ को दिए भी थे। बुधवार को एडीसीओ ने उन्हें बरेली बुलाया था। आरोप है कि बरेली में उन्हें जमकर हड़काया और चालीस हजार रुपये मांगे गए। संघ के चौकीदार अशर्फी लाल साहू ने बताया कि बुधवार रात साढ़े दस बजे ट्रेन से बादाम सिंह सहकारी संघ पर आए तो बेहद परेशान थे। उन्होंने चौकीदार को बताया था कि एडीसीओ कोई बात नहीं मान रहे चालीस हजार मांग रहे हैं। चौकीदार के मुताबिक सुबह उठने पर बादाम सिंह को उल्टी हो रही थी। चाय मंगवाकर पी। उल्टी के साथ दस्त भी आने लगे। हालत ज्यादा बिगड़ती देख चौकीदार ने सहकारी समिति के वेद पाल को खबर दी। वेदपाल व चौकीदार मझगवां पीएचसी लेकर गए जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

कई घंटे कमरे में पड़ा रहा शव
कामदार का शव कई घंटे कमरे में ही पड़ा रहा। परिवार वालों के पहुंचने से पहले संघ के सचिव राजीव सक्सेना व सभापति सईद खां सहित अन्य लोग आ गए। शाम पांच बजे के करीब इटावा से परिवार के लोग बिशातगंज पहुंचे। जिन्होने पुलिस को सूचना दी। एसओ संजय कुमार सिंह के कमरे की तलाशी के दौरान बिस्तर से सुसाइड नोट मिला। जिसमें बादाम सिंह ने उत्पीड़न की पूरी दास्तान लिखी है। मृतक के बेटे शिवम की तहरीर पर पुलिस ने एडीसीओ आंवला मूल चंद्र यादव मझगवां के एडीओ सहकारिता वीरेश कुमार के विरूद्ध धारा 306 का मामला दर्ज कर शव पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा है।
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बेटा मेरे मरने के बाद संघ में नौकरी मत करना
-सुसाइड नोट में उत्पीड़न का दर्द पढ़ने के बाद आंखें भर आई। बादाम सिंह ने सुसाइड नोट में अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद यह भी बताया कि उससे रिश्वत भी ली गई। बेटे शिवम को संबोधित करते हुए बादाम सिंह ने लिखा है कि उनका विभाग बेहद खराब है। भूलकर इसमें नौकरी मत करना भले ही प्राइवेट नौकरी कर लेना। बेटे से उन्होंने चौकीदार और अन्य लोगों से लिए गए रुपये भी उसने लौटने की बात कही। बादाम सिंह ने अपने पीछे अविवाहित बेटा शिवम एवं दो विवाहित बेटी रूबी व प्रीति के अलावा पत्नी कांति देवी छोड़ी है।
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