खैलम गांव में बवाल के बाद पुलिस प्रशासन गांव के लोगों के साथ मिलकर जिंदगी को दोबारा रफ्तार देने की कोशिश में जुटे है, वहीं मंगलवार सुबह अचानक एक अफवाह ने पुलिस के अफसरों को परेशानी में डाल दिया। अफवाह उड़ गई कि गांव में समुदाय विशेष के घरों पर धमकी भरे पर्चें चस्पा हो गए हैं। जिनमें गांव छोड़ने के लिए कहा गया है। सूचना मिलते ही एसपी देहात सहित प्रशासकीय अधिकारी खैलम पहुंच गए। छानबीन के बाद सामने आया कि यह महज अफवाह थी। कहीं भी पर्चा चस्पा होने की पुष्टि नहीं हुई। एहतियातन गांव के कुछ घरों की तलाशी भी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई। इस वाकया के बाद एक बार फिर साबित हो गया कि कुछ खुराफाती नहीं चाहते कि खैलम सहित जनपद में शांति हो। एसपी देहात ने गांव में लोगों के साथ वार्ता करके उनकी समस्याओं तक पहुंचने की कोशिश की। लोगों को दोबारा अपने काम पर लौटने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि गांव के लोगों के साथ पुलिस है, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
भाजपा नेताओ के खिलाफ रिपोर्ट का विरोध
आंवला। सिंचाई मंत्री के भाई डॉक्टर मानसिंह, भाजपा के क्षेत्रीय प्रबंधक बीएल वर्मा, जिला अध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर, महाराज सिंह, पवन शर्मा ने एसडीएम महेंद्र पाल सिंह और सीओ अशोक कुमार सिंह से वार्ता कर विरोध जताया। उनका कहना था कि अनुमति के बाद कांवड़िये उस रास्ते से जा रहे थे। उनको पुलिस सुरक्षा क्यों नही दी गई। भाजपा नेताओं ने ब्लाक मझगवां के मंडल अध्यक्ष गंगा सिंह और विपिन सिंह सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने पर नाराजगी जताई।
सपा जिला सचिव को समर्थकों सहित थाने में बैठाया
आंवला। सपाईयों के जांच दल को मोहब्बतगंज गौटिया में पुलिस ने रोक दिया। अलीगंज जाने की जिद पर अडे़ सपा जिला सचिव अवनीश तिवारी, इंद्रपाल सिंह, लक्ष्मण प्रसाद फौजी और नगर पालिका के चेयरमैन सैय्यद आबिद अली की पुलिस से नोक-झोक हुई। पुलिस ने पूर्व चेयरमैन रईस अहमद, मुन्ने, शफीक, विकार अली, साबिर, कातिब, विजेंद्र सिंह यादव आदि को कोतवाली में बैठा लिया। एसडीएम महेंद्र पाल सिंह और सीओ अशोक कुमार सिंह ने सपाईयों को आश्वासन दिया। करीब दो घंटे बाद सपाईयों को कोतवाली से छोड़ दिया गया।
घायल कांवड़ियों ने एसडीएम से कहा, मुकदमा कराए
आंवला। खैलम में पत्थरबाजी से घायल हुए कांवड़िया राकेश मौर्य, सोनू, शुभम, सत्यपाल, सुनील, हरीशंकर, लेखराज आदि ने मंगलवार को एसडीएम को पत्र देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों के साथ निर्धारित मार्ग पर ही जा रहे थे। रास्ते में उन लोगों पर पत्थर बरसाए। इस मामले में पुलिस ने अपनी ओर से तो कार्रवाई की, लेकिन उनकी ओर से मुकदमा दर्ज नहीं की। सीओ अशोक कुमार सिंह ने कांवड़ियों को मुकदमा दर्ज कर मेडिकल करवाने का आश्वासन दिया।
खैलम में लौटने लगे परिवार, चौपाल पर चर्चायें शुरू
आंवला। बंद घरों के ताले जिन गलियों में मुंह चिढ़ाया करते थे, अब उनमें चेहरे मुस्कुरा रहे हैं। बवाल के पांचवें दिन खैलम गांव में कई परिवारों ने वापसी कर ली। साप्ताहिक बाजार में भी गांव के लोग सब्जियां लेकर पहुंचे, लेकिन दहशत के चलते कुछ दूरी पर सामान की दुकानें लगाकर बेचने लगे। अपनी जरूरत की चीजों को खरीदने के लिए लोग भी घरों से निकलकर बाजार तक पहुंचे। इस बीच आईटीबीपी और पीएसी के जवानों ने निगरानी में बाजार लगा।
सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में अलीगंज के राजपुरकला, बिहारीपुर, गैनी, पटपरागंज, कुडरिया फैजुल्लापुर, गिरधरपुर, कमालपुर आदि गांव के व्यापारियों ने परहेज किया था, लेकिन नायब तहसीलदार गौपेश तिवारी और प्रेमनगर कोतवाली के एसएसआई राजेश यादव ने अपने समुदाय की बस्ती की गलियों मे सब्जी बेच रहे गांव के लोगों को समझाकर मस्जिद के पास लगने वाली साप्ताहिक हाट में भेजा। चार दिनों में कारोबार बंद रहने से उन्हें भारी नुकसान हो चुका है। बाजार में लोगों ने कर्फ्यू जैसे हालातों के लिए प्रशासन को ही दोषी ठहराया। एसडीएम महेंद्र पाल सिंह ने बताया जल्द ही गांव में अमन चैन कायम हो जायेगा।