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अब मीरगंज में पकड़े गए दो कश्मीरी

Tue, 16 Feb 2016 01:45 AM IST
बरेली
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मीरगंज। रिठौरा और इज्जतनगर में कश्मीरी युवकों के पकड़े जाने को अभी एक महीना नहीं हुआ था कि अब मीरगंज में दो संदिग्ध कश्मीरी पकड़े गए हैं। पुंछ जिले के रहने वाले दोनों युवकों ने मस्जिद के लिए चंदा लेने हल्दी खुर्द जाने की बात कही। सीओ प्रमोद यादव और एसओ बच्चू सिंह यादव ने दोनों ने थाने में घंटों पूछताछ करने के बाद बताया कि प्रथम दृष्ट्या दोनों संदिग्ध लग रहे हैं। जानकारी पर खुफिया एजेंसी भी युवकों से पूछताछ में लग गई हैं।
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जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी सोमवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे बाइक से अपने गांव नथपुरा से मीरगंज आ रहे थे। उन्होंने रास्ते में कंबल ओढ़कर पैदल जा रहे दो लोगों को देखकर अपनी बाइक रोक ली। पूछताछ करने पर एक ने अपना नाम मोहम्मद इकबाल और दूसरे ने जमालुद्दीन बताया। सूचना पर गांव के लोग भी आ गए और दोनों को घेरकर पुलिस को बुला लिया गया। हलका इंचार्ज एसआई उम्मेद सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंचे और दोनों को पकड़कर थाने ले आए। थाने में एसओ बच्चू सिंह यादव और सीओ प्रमोद यादव भी घंटों पूछताछ में जुटे रहे। एसओ ने बताया कि उम्र 22-23 वर्ष के आसपास है। दोनों ऊंची कश्मीरी शेरवानी पहने और कंबल ओढ़े हुए हैं और पुंछ के रहने वाले बता रहे हैं। उनके बारे में कश्मीर से जानकारी जुटाई जा रही है। खुफिया एजेंसी भी उनके बारे में विस्तार से जानकारी जुटाने को लग गई हैं।

पड़ताल के बिना न दें अंजानों को  जगह
दरगाह आला हजरत ने मुस्लिमों को किया सावधान
बरेली। कश्मीरियों सहित तमाम संदिग्ध जाने अंजाने बरेली में किराए पर रह रहे हैं। इसके लिए दरगाह आला हजरत ने मुस्लिमों को सावधान किया है।
दरगाह के प्रवक्ता मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने कहा है कि देश ही नहीं इस वक्त पूरे विश्व के हालात खतरनाक होते जा रहे हैं। इस लिए सारे लोगों को, और खास तौर से मुसलमानों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए यह अपील है कि संदिग्ध लोगों को बिना जांच पड़ताल और उचित पहचान पत्र के बगैर अपने घरों, मोहल्लों, मस्जिदों मदरसों और गेस्ट हाउस आदि में न ठहराएं। जहां तक दरगाह का सवाल है यहां पर बिना जांच पड़ताल और पहचान पत्र की तस्दीक के नहीं ठहरने दिया जाता। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी अपील की है कि देश में आम तौर पर मुसलमान पहचान पत्रों को लेकर जागरूक नहीं हैं इस लिए बिना किसी ठोस सुबूत के बाहरी मुसलमानों के साथ आतंकियों जैसा बरताव न किया जाए। 
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