मार्निंग वाक के दौरान अचानक गोली लगने से घायल बैंक ऑफ बड़ौदा के जीएम एस आर सोलंकी जिस तरह वाकए के बारे में बता रहे हैं उससे लगता है कि हमलावरों के निशाने पर कोई और था लेकिन पहचान ठीक से न हो पाने के कारण गोली उन्हें मार दी गई। सोलंकी ने बताया कि वह टोपी पहले हुए थे ऊपर से मफलर भी था हो सकता है हमलावर उन्हें पहचान नहीं पाए हों। वैसे भी यहां न तो उनका किसी से रंजिश है और न ही किसी से कोई विवाद चल रहा है।
बकौल सोलंकी उन्हें तो पहले यह भी अहसास नहीं हुआ कि उन्हें गोली मारी गई है। धमाके की आवाज पर वह झुक गए थे। सोचा शायद कोई टायर फटा होगा। जब दर्द महसूस हुआ तो उन्हें अपने शरीर से खून निकलने का अहसास हुआ। उनके बगल से गुजरे बाइक सवार तब तक जा चुके थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि उन्हें गोली लगी है और बाइक सवार उनके पास से गुजरते हुए हमला करने के लिए ही रुके थे तो वह किसी तरह हिम्मत जुटा कर अपने कमरे तक पहुंचे और वहीं से बैंक के लोगों को खबर दी और ड्राइवर को तत्काल बुलाया।
एसआर सोलंकी ने कहा कि वह यहां अकेले ही रहते हैं। किसी से कोई वास्ता नहीं रखते। सुबह ऑफिस जाते हैं और शाम को आ जाते हैं। उन्हें खुद समझ नहीं आ रहा कि किसी ने उन्हें क्यों गोली मारी। उनकी पत्नी मध्य प्रदेश में निदेशक शिक्षा के पद पर हैं। एक बेटा इंजीनियर है और दूसरा इंजीनियरिंग कर रहा है। परिवार में पत्नी और बच्चों से रोजाना सुबह और शाम बात होती रहती है।
इसी महीने संभाला था जीएम पद
उप महाप्रबंधक से पदोन्नत हुए सोलंकी ने आठ दिसंबर को ही यहां महाप्रबंधक का पद संभाला था। तीन सालों से वह यहीं बैंक ऑफ बड़ौदा में डीजीएम पद पर कार्यरत थे। बैैंक का कार्य क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड है। उन पर हमले की जानकारी पर तमाम बैंक अफसरों के साथ कई अन्य विभागों के बड़े अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना।
क्राइम ब्रांच भी लगी छानबीन में
घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। क्राइम ब्रांच ने भी अस्पताल पहुंचकर छानबीन की। साथ ही पुलिस ने उनके आसपास के लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी की। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस किसी के धोखे में गोली मारने के अलावा दूसरे एंगिल पर भी जांच कर रही है। लेकिन ऐसा नजर नहीं आ रहा है।
‘सभी एंगिल से जांच की जा रही है लेकिन अभी तक किसी और के धोखे में गोली मारने का मामला ही प्रकाश में आया है। क्योंकि जांच के दौरान उनक ी किसी से रंजिश की बात सामने नहीं आई है। अब यह देखा जा रहा है कि इस इलाके में सुबह टलने के लिए उनकी तरह की हुलिया के कौन कौन लोग टहलते हैं। हो सकता है कि कुछ दिनों के बाद हमलावर फिर से उस व्यक्ति पर हमला कर सकते हो, जिसको गोली मारने आए हों।’ एके वर्मा