प्रेेमनगर थाना क्षेत्र में अचानक बाइक और साइकिल चोरी की वारदातों की बाढ़ आ गई। चोरी हुई बाइक या साइकिल किसी गली या दुकान के बाहर लावारिस हालत में बरामद भी होती रहीं। पुलिस समझ नहीं पा रही थी कि ये कैसे चोर हैं जो बाइक छोड़ भी जाते हैं। तहकीकात शुरू हुई तो सीसीटीवी कैमरे में दो बच्चे साइकिल ले जाते नजर आए। पहचान कर पुलिस इनके कोहाड़ापीर स्थित घर पहुंच गई। सक्सेना परिवार को अपने बच्चों की हकीकत पता चली तो वे हैरान रह गए। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बच्चों ने कहा कि वे मौज मस्ती के लिए बाइक उठा लेते थे। पेट्रोल खत्म होने पर दुकान के सामने या गली में खड़ी कर देते थे।
बीते कई दिनों से प्रेमनगर में डीडीपुरम, राजेंद्रनगर, डेलापीर से लगातार बाइक और साइकिल चोरी हो रही थीं। पुलिस ने गिरोह को ट्रेस करना शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को एक कोचिंग सेंटर के बाहर से सीसीटीवी की फुटेज हाथ लगी। इसमें दो बच्चे साइकिल खींचते हुए ले जा रहे थे। बच्चों की पहचान करवाई गई तो कोहाड़ापीर के सक्सेना परिवार के निकले। दोनों से पूछताछ में उनके चार और साथियों का पता चला। जिसके बाद पुलिस ने सभी बच्चों के घरों से संपर्क किया।
इस तरह उठा ले जाते थे बाइक
बच्चों को प्रेमनगर थाने बुलाया गया। सीओ प्रथम कुलदीप कुमार के मुताबिक, शुरुआत में माना गया कि बच्चों के पीछे कोई मास्टरमाइंड हैं, लेकिन ऐसा नहीं था। बच्चों ने बताया कि वे सिर्फ मौज-मस्ती के लिए बाइक ले जाते थे। इनमें एक मोटर गैराज पर काम कर चुका है और बिना लॉक खोले तार शॉर्ट कर बाइक स्टार्ट कर सकता है। बच्चे पहले ऐसी बाइक को ढूंढते थे, जिसका हैंडिल लॉक न लगा हो। उसके बाद दोस्त की मदद से तार शॉर्ट कर बाइक स्टार्ट करते थे।
वर्जन
प्रेमनगर में यह बच्चा गिरोह पकड़ा गया था। इनकी उम्र 10 से 14 साल के बीच थी। इनको हिदायत देकर छोड़ दिया गया पर पुलिस निगरानी कर रही है। इनके परिवारों की भी काउंसलिंग की गई है।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी