सिरोही गांव में विवाहिता की हत्या उसके मुंहबोले चाचा नन्हे लाल ने दुष्कर्म के बाद की थी। हत्या में नन्हे की पत्नी निशा भी शामिल थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि पत्नी की गैरमौजूदगी में नन्हे ने सुनीता के साथ दुष्कर्म किया था। मामला खुलने के डर से दंपती ने सुनीता की हत्या करके शव को खेत में फेंक दिया था। नन्हे ने सुनीता के जेवर निकाले ताकि हत्या के पीछे वजह लूट मानी जाए। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने हत्या की वारदात का खुलासा किया।
सुनीता अपने पड़ोस में रहने वाले नन्हेलाल पुत्र सूरजपाल को चाचा कहती थी। अक्सर उनके घर टीवी देखने के लिए जाती थी। बीती 15 मार्च को भी वह टीवी देखने के लिए नन्हेलाल के घर गई थी। नन्हे की पत्नी निशा बाहर गई हुई थी। नन्हेलाल की नीयत खराब होने पर उसने सुनीता को काम के बहाने घर के पीछे लगे यूकलेप्टिस के पेड़ों के पास बुलाया। सुनीता के पहुंचने पर उसके साथ दुष्कर्म किया। सुनीता दुष्कर्म के बाद अपने घर वापस लौट गई, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया।
दोबारा निशा के पहुंचने पर की हत्या
कुछ देर के बाद वह चाचा की शिकायत निशा से करने के लिये दोबारा नन्हे के घर पहुंची। इस दौरान नन्हे ने अपनी पत्नी के सामने अपनी करतूत बता दी थी। सुनीता के पहुंचने पर उसको मामला दबाने के लिए दंपती समझाने लगा। लेकिन सुनीता ने धमकी दी कि वह पुलिस तक मामला लेकर जाएगी।
लाश ठिकाने लगाने को किया रात का इंतजार
इसके बाद दंपती ने सुनीता के दुपट्टा से उसका गला घोंट दिया। हत्या को लूटपाट के लिये दिखाने को सुनीता की सोने की चेन और जेवर निकाल लिये। लाश को ठिकाने लगाने के लिये रात का इंतजार किया गया। रात के अंधेरे में लाश को पड़ोस के गेंहू के खेत में ठिकाने लगा दिया गया। लाश मिलने के बाद भमोरा थाना में हत्या की धारा में मुकदमा लिखा गया था।
दिल्ली भागने की थी योजना
हत्या के बाद दोनों बिलसंडा पहुंचे थे। यहां नन्हे की पहली पत्नी का घर था। उसकी पहली पत्नी की बीमारी से मौत के बाद नन्हे निशा को बंगाल से लेकर आया था, लेकिन शादी नहीं की थी। बिलसंडा में दोनों ने तय किया कि दिल्ली की तरफ भाग निकलते हैं। लेकिन देवचरा के पास एक व्यक्ति ने दोनों को देखकर पुलिस को सूचित कर दिया। जिसके बाद दोनों पकड़े गए। पुलिस ने दंपती की गिरफ्तारी के बाद विवेचना में दुष्कर्म और लूट के लिये घायल करने की धारा को बढ़ाया है।
जेवर किये बरामद
दारोगा अजब सिंह, कांस्टेबल महावीर सिंह, वतन, रामकुमार की टीम ने हत्याकांड का खुलासा किया। टीम ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सुनीता के पहने गये जेवरात को बरामद किया।
लाश के साथ खेत तक पहुंचा था निशा का ब्लाउज
घटनास्थल पर निशा का ब्लाउज बरामद हुआ था। लाश को ठिकाने लगाने की घबराहट में लाश को एक चादर में बांधकर खेत तक ले गये थे। उसके साथ वह ब्लाउज भी चला गया। लाश फेंकने के बाद जल्दबाजी में निशा ब्लाउज उठाना भूल गई थी। जो पुलिस को मिला था। दंपती घबराहट में आलाकत्ल सुनीता का दुपट्टा भी गले में छोड़ गये थे।