शेरगढ़ में तमंचे के साथ पकड़ा गया मुल्जिम ऑटो रिक्शा में पुलिस कर्मियों को धक्का देकर किला पुल से हथकड़ी लेकर कूद गया। इससे उसकी टांग टूट गई, लेकिन फिर भी भागने की कोशिश करने लगा। पुल से पुलिस कर्मियों के शोर मचाने पर लोगों ने मुल्जिम को दबोचकर पुलिस कर्मियों के हवाले कर दिया। घायल मुल्जिम को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सिपाही की तरफ से किला थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कस्बा शेरगढ़ के मोहल्ला डूंगरपुर निवासी 22 वर्षीय साबिर शाह पुत्र बेचे शाह को पुलिस ने तमंचा और कारतूस के साथ टांडा तिराहा से पकड़ लिया था। दरोगा सुभाषचंद्र सिपाही नत्थू सिंह और एक होमगार्ड के साथ साबिर शाह को कोर्ट में पेश करने के लिए ला रहे थे। बस से उतरने के बाद तीनों पुलिस कर्मियों ने सत्यप्रकाश पार्क से उसे ऑटो रिक्शा में बैठा लिया था। ऑटो रिक्शा जैसे ही किला पुल पर चढ़ा। साबिर ने पुलिस कर्मियों को धक्का देकर पुल से ही छलांग लगा दी। पुल से कूदने पर साबिर की टांग टूट गई। इसके बावजूद भी साबिर ऑटो रिक्शा में बैठकर भागने की कोशिश करने लगा। इसी बीच पुल से पुलिस कर्मियों ने शोर मचा दिया। भीड़ ने घेरकर साबिर को पकड़कर बैठा लिया। पुलिस ने घायल साबिर को ऑटो रिक्शा में फिर बैठाया और जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने साबिर की टांग में गंभीर चोट लगने की वजह से उसे भर्ती कर लिया। शेरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक शिवराज सिंह ने बताया कि सिपाही नत्थू सिंह की तहरीर पर साबिर के खिलाफ कस्टडी के भागने के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
मुझे प्रेमिका के पिता ने बंद कराया
किला पुल से छलांग लगाने वाले साबिर शाह का कहना है कि वह एक लड़की से मोहब्बत करता है। उसी से शादी भी करना चाहता है। लड़की भी बेहद चाहती है। लड़की के पिता ने शेरगढ़ पुलिस से मिलकर उसे तमंचे के साथ बंद करा दिया। तीन पुलिस कर्मियों के साथ कोर्ट आते वक्त वह बेहद खौफ में था। उसे यह डर लग रहा था कि पता नहीं कब तक जेल में रहना होगा। इसलिए उसने पुल से छलांग लगा दी।