चौटाला रोड पर दो गुट आपस में भिड़ गए। एक गुट बचने के लिए अस्पताल में घुस गया। दूसरे गुट के लोगों ने अस्पताल में घुसकर जमकर कुर्सियां चलाई। एक कांग्रेस नेता के चेलों ने स्टाफ नर्सों से भी बदतमीजी की। उन्हें गालियां देते हुए बाहर निकलने को कहा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर आरोपी निकल भागे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की नौवीं कक्षा के छात्र ने बताया कि उसका विद्यालय की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र के साथ आंखें निकालने को लेकर झगड़ा हो गया था। बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने एक-दूसरे को फोन पर धमकियां देनी शुरू कर दी। छात्र ने सिविल अस्पताल के सामने पंचायत करने के लिए उसे बुलाया। वह अपने भाई तथा एक अन्य के साथ वहां आ गया। उसे देखते ही पहले से तैयार छात्र बगैरा ने उस पर हमला कर दिया। अस्पताल के सामने रहने वाले एक कांग्रेस नेता के चेले भी उन पर टूट पड़े। वे जान बचाने के लिए सिविल अस्पताल में भागे। भाग रहे छात्रों का पीछा करते हुए हमलावर भी अस्पताल में घुस गए। एक छात्र और उसके साथियों ने स्टाफ नर्स रूम में छिपकर खुद को बचाने का प्रयास किया। इसी बीच हमलावरों ने अस्पताल में पड़ी कुर्सियों से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। ड्यूटी पर तैनात नर्स सुनीता तथा मंजू ने जब झगड़ा कर रहे युवकों को अस्पताल से बाहर निकलने के लिए कहा। तो कांग्रेस नेता के चेलों ने स्टाफ को ही गालियां देनी शुरू कर दी और धमकी भी दी। मामला इतना बढ़ गया कि अस्पताल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। पीसीआर लेकर एएसआई लीलू राम मौका पर पहुंचे। उन्हें देखकर हमलावर मौका से फरार हो गए।
स्टाफ नर्स ने बताया कि वे अस्पताल में ड्यूटी कर रही थी। इसी दौरान कुछ युवकों ने तीन युवकों का पीछा करते हुए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। वे अपना बचाव न करती तो उनके भी चोटें मारनी थी। कांग्रेस नेता भी उनके साथ था। वे सामने आने पर युवकों को अच्छी तरह से पहचान सकती हैं। शहर थाना प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस मौका पर पहुंची थी। अस्पताल में घुसकर नर्सों से दुर्व्यवहार, गालियां निकालने तथा धमकी देने की शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलते ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।