साइबर ठगों की तलाश में मेरठ की क्राइम ब्रांच ने बरेली में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अफसर और कर्मचारियों से पूछताछ की। भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल समेत विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में जाकर ठगी के तरीके जानने की कोशिश की। बरेली पुलिस ने साइबर ठगों के जिस गैंग को पकड़ा है उनमें एक बुुलंदशहर के गुलावटी गांव का रहने वाला है।
बिहार और झारखंड के साइबर ठग यूपी के विभिन्न शहरों में कॉल सेंटर खोलकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। उनका नेटवर्क यूपी के विभिन्न शहरों में फैला हुआ है। ठग एटीएम का नवीनीकरण कराने और बीमा पॉलिसी में बोनस मिलने के नाम पर बैंक के खाताधारक को फोन करते हैं। उनसे घुमा फिराकर बात करके वह उसका एटीएम का कोड पूछ लेेते हैं। बरेली और मेरठ समेत यूपी के तमाम शहरों में साइबर ठगी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। बरेली पुलिस ने नाइजीरियन स्टाइल में ठगों की एक कंपनी 30 जुलाई को पकड़ी थी। इन ठगों के देश भर की बैंकों में फर्जी नाम से खाते होने की बात जानकारी में आई थी। मेरठ और बुलंदशहर में साइबर ठगी के कई मामलों की जांच कर रही वहां की क्राइम ब्रांच ने यूनियन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा की विभिन्न शाखाओं के प्रबंधक और अन्य स्टाफ से संपर्क कर साइबर ठगी के तरीके समझने की कोशिश की। तीन दिन रुकने के बाद क्राइम ब्रांच मेरठ चली गई। बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने बताया कि बैंकों से साइबर ठगी के बारे में क्राइम ब्रांच टीम को पूरा सहयोग किया गया। उनको एटीएम और ऑनलाइन खरीदारी से ठगी के तरीके बताए गए ताकि साइबर ठगों को आसानी से पकड़ा जा सके।