बरेली। लखनऊ मेल के विकलांग कोच में कब्जा जमाए बैठे आरपीएफ के चार जवानों ने एक विकलांग यात्री को खाकी का रुतबा दिखा डाला। पहले तो उसे कोच में चढ़ने से रोका, उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। यही नहीं, उसे हवालात में डालने की धमकी देते हुए उसकी जेब से रुपये भी छीन लिए। मामले में जब सीनियर कमांडेंट अजीत कुमार वर्णवाल के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने छानबीन कराई। इसमें प्रथम दृष्ट्या आरपीएफ स्क्वाएड में तैनात चारों जवानों को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर आरपीएफ को सौंपी गई है। घटना तीन जनवरी की है। दिल्ली से लखनऊ जाने वाली लखनऊ मेल जब रात दो बजे मुरादाबाद स्टेशन पहुंची तो एक विकलांग यात्री ने ट्रेन के विकलांग कोच में चढ़ने की कोशिश की। कोच अंदर से बंद था। उसने कोच का दरवाजा पीटना शुरू किया तो अंदर बैठे आरपीएफ जवानों ने गेट खोलकर उसे दुत्कारना शुरू कर दिया। उसने विरोध किया तो उसे पीट दिया। इसके बाद हवालात में में बंद करने की धमकी देते हुए उसकी जेबों में मौजूद रकम भी छीन ली। पीड़ित विकलांग यात्री ने 12 जनवरी को इस बारे में सीनियर कमांडेंट अजीत कुमार वर्णवाल से शिकायत की। उन्होंने जांच कराई तो बरेली आरपीएफ थाने के जवान अरविंद, विपिन, दुली चंद और रवींद्र को दोषी पाया गया। सीनियर कमांडेंट ने चारों जवानों को निलंबित कर घटना की जांच आरपीएफ बरेली के इंस्पेक्टर को सौंपी है।