कस्बे के शेखूपुरा चौराहे इलाके की रहने वाली एक महिला ने अपनी बेटी की प्रेम कहानी को धर्मांतरण का मुद्दा बना दिया। उसका कहना है कि मुस्लिम बंजारा समाज के लड़के और उसके परिवार के लोगों ने उसकी बेटी का अपहरण कर धर्म परिवर्तन करा दिया। लड़की पहले से ही शादीशुदा है। ससुराल जाते समय उसे अगवा किया गया। उधर, पुलिस ने इसे प्रेम प्रसंग का मामला बताते हुए दो दिन पहले ही लड़की को एसडीएम के सामने पेश करके नारी निकेतन भिजवा दिया था।
महिला का आरोप है कि 22 दिसंबर को उसकी बेटी गदरपुर जाने के लिए बहेड़ी के किच्छा टैक्सी स्टैंड पर गई थी। वहीं से उसकी बेटी को मोहल्ले के लिए मुस्लिम बंजारा समाज का लड़का अपने परिवार के लोगों के साथ अगवा कर ले गया। शाम को उसके दामाद का फोन आया कि उसकी बेटी ससुराल नही पहुंची है। उसने आसपास के इलाके में बेटी की खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं लगा। 24 दिसंबर को उसकी बेटी को पुलिस ने बरामद करके एसडीएम के सामने पेश कर दिया। पुलिस के सामने लड़की अपने प्रेमी के साथ जाने पर अड़ी थी। एसडीएम के सामने भी उसने अपनी मां और ससुराल वालों के पास जाने से इनकार कर दिया। मामला दो समुदाय का होने की वजह से एसडीएम ने लड़की को नारी निकेतन भेज दिया। शनिवार को लड़की की मां ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अपनी लड़की को डरा धमकाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है। थाने में दी तहरीर में लड़की की मां ने आठ लोगों को नाम दिए हैं। महिला ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कार्रवाई की मांग की है।
युवती को पुलिस मेरी कोर्ट में लाई थी। उसे नारी निके तन भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
रामेश्वर नाथ तिवारी, एसडीएम
मामला धर्म परिवर्तन का नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का है। जांच के बाद स्थिति सामने आ जाएगी।
सूबेदार सिंह यादव इंस्पेक्टर थाना बहेड़ी।