Love marriages are becoming a cause of divorce
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जामिया रजविया मंजरे इस्लाम में तलाक होने के मुद्दे पर एक विशेष अधिवेशन बुलाया गया। जिसमें सुन्नी बरेलवी मुफ्तियों, मौलवियों, इमाम और बुद्धजीवियों ने तलाक प्रकरणों की समीक्षा और कारणों पर मंथन किया। यह जानने की कोशिश की गई कि हाल के पांच वर्षों में तलाक के कारण और आधार क्या रहे हैं।
मंजरे इस्लाम के मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने मंजरे इस्लाम के आईटी सेल पर आए हुए तलाक से संबंधित प्रश्नों तथा मीडिया में तलाक प्रकरण का ब्योरा देते हुए बताया कि तीन साल में तलाक से संबंधित जो प्रकरण सामने आएं हैं। उनमें 50 प्रतिशत नव विवाह दंपतियों के बीच वह हैं कि जो विवाह होने के लगभग छह माह के अंदर ही खत्म हो गए।
अधिवेशन में मंथन का विषय ‘आखिर शादी होते ही मिया बीबी के दरमियान तलाक का कारण क्या बना’। इसमें नव विवाह टूटने का कारण ऐसे प्रेम विवाह बने हैं जो दंपतियों के दरमियान असामनता होने तथा परिवार और माँ बाप की मरजी तथा सामाजिक रीति रिवाज के विरुद्ध निकाह के बंधन में बंधे या फिर शादी से पहले लड़के और लड़की का प्रेम प्रसंग दूसरे लड़के और लड़की के साथ रह चुका था। अधिवेशन में कहा कि मजहब और समाज के जिम्मेदार लोगों का यह दायित्व बनता है कि वह कौम के नव युवक और नव युवतियों को जागरुक करें। उन्हें समझाएं कि शादी से पहले प्रेम प्रसंग में न फंसे।