शादी में बीस लाख रुपये खर्च करके बेटी को विदा करने वाले कानूनगो की आंखों में आंसू बह रहे हैं। ससुराल में हुए जुल्म की वजह से बीमार हुई बेटी का इलाज कराने के बाद भी उसका घर नहीं बस सका। कानूनगो के गुहार लगाने के बाद भी दामाद ने बेटी को साथ रखने से इंकार कर दिया। परिवार के लोग भी उसी का साथ देने लगे। दामाद का कहना है कि दहेज में घर बनाने के लिए प्लाट और पांच लाख रुपये देने का हां करने पर ही कुछ सोचा जा सकता है।
काकरटोला में रहने वाले रजिस्ट्रार कानूनगो ने बेटी वरुणा शर्मा की शादी दिसबंर 2013 में दुर्गानगर निवासी दवाई कंपनी के प्रतिनिधि संजय कुमार के साथ की थी। वरुणा ने बताया कि शादी में उन्होंने करीब बीस लाख रुपये खर्च किए। शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने उस पर जुल्म करने शुरू कर दिया। पति के मारपीट करने पर वह बीमार हो गई। पिता ने उसका इलाज कराया। फिलहाल वह एक निजी कंपनी में नौकरी कर रही है। पिता ने संजय कुमार से उसे ससुराल ले जाने के लिए बात की तो उसने इनकार कर दिया। कहने लगे पांच लाख और और प्लाट दोगे, तभी आपकी बेटी का घर फिर से बस पाएगा। 21 फरवरी को उसके पति संजय, ससुर नेतराम, सास ओमवती, ननद सुनीता और ननदोई आए। उन्होंने भी उसके पति की डिमांड को ही दोहरा दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।