बरेली। थाना बारादरी के काजीटोला में 11 गज जमीन पर हो रहे निर्माण को लेकर बरेलवी और अहले हदीस मसलक के लोग आमने-सामने आ गए। इसे लेकर धक्का-मुक्की भी हुई। बरेलवी मसलक के लोगों के मस्जिद के एलान करके लोगों के भीड़ जमा कर लेने पर बात बिगड़ गई। विवाद की सूचना पर अफसरों ने मौके पर फोर्स बुला ली। दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंच गए। मामले में पुलिस की ओर से 300 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
काजीटोला में दो मस्जिदों के पास की ग्यारह गज जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 2014 में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम ने प्रभारी निरीक्षक बारादरी को पत्र लिखकर कहा था कि मस्जिद इमामबाड़ा का दरवाजा उत्तर दिशा में ही लोग देखते आए हैं। परन्तु कुछ शरारती तत्व शांति भंग करने के लिए दक्षिण की दीवार तोड़कर नई परम्परा डालकर दरवाजा खोलना चाह रहे हैं। मौके पर किसी भी तरह की नई परम्परा नहीं पड़नी चाहिए। जिस जमीन में रास्ता खोलने की बात कही जा रही है वह नूरी नाम की महिला की है। इस जमीन का पहले बरेलवी मसलक के लोगों ने एग्रीमेंट करा लिया था, लेकिन बैनामा कराने की तारीख निकल गई। इसके बाद अलहे हदीस मसलक के लोगों ने उस जमीन का महिला से सीधा बैनामा करा लिया। महिला बरेलवी मसलक के लोगों से एग्रीमेंट पर जो रुपये लिए थे, उन्हें वापस भी करने तो तैयार है, लेकिन वह जमीन लेने पर अड़े हैं। रविवार को अलहे हदीस मसलक के लोग जमीन में निर्माण करा रहे थे। बरेलवी मसलक के लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंच गए। अलहे हदीस का आरोप है कि बरेलवी मसलक के लोगों ने मस्जिद के एलान करके लोगों को इकट्ठा किया, जिससे माहौल बिगड़ा। एसपी सिटी समीर सौरभ ने बताया कि दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को बैठाकर फिलहाल कोर्ट के आदेश तक निर्माण कार्य रुकवा दिया है। चौकी इंचार्ज की तरह से दोनों तरफ से 150-150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कुछ चिहिन्त लोगों को मुचलकों में पाबंद किया जाएगा।