कुतुबखाना बाजार की भीड़ में एक महीने पहले टेंपो से कूदकर फरार हुए पांच हजार रुपये के इनामी मुल्जिम कुंवर चंद को इज्जतनगर पुलिस ने मंगलवार को वन्नूवाल नगर के खाली प्लाट से दबोच कर जेल भिजवा दिया। वह पुलिस अभिरक्षा से भागने के बाद दिल्ली में जाकर छुप गया था। मंगलवार की रात को ही वह पत्नी और बच्चों को लेने के लिए आया था।
दस फरवरी को जिला शाहजहांपुर के थाना बंडा के ररुआ गांव के कुंवरचंद को इज्जतनगर पुलिस का सिपाही सतीश यादव और होमगार्ड कोर्ट में पेश करने के लिए जा रहे थे। रास्ते में टेंपो में सवार कुंवरचंद होमगार्ड से रस्सी छुड़ाने के बाद कुतुबखाना के बाजार की भीड़ में गायब होने के बाद दिल्ली अपने पिता के पास पहुंच गया था। कुंवरचंद की पत्नी और बच्चे यहीं बड़ी बिहार में रह रहे थे। एसएसपी ने सिपाही सतीश यादव को निलंबित करके फरार आरोपी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। मंगलवार की रात को पुलिस को सूचना मिली कि कुंवरचंद अपनी पत्नी और बच्चों को ले जाने के लिए आया है। प्रभारी निरीक्षक रामगोपाल शर्मा ने एसएसआई नरेश कुमार, सिपाही हैदर अली और नेपाल सिंह के साथ वन्नूवाल नगर के खाली प्लाट से शाम करीब 5.30 कुंवरचंद को दबोच लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी का चालान करके जेल भिजवा दिया है।
मैं घबरा गया था
कुंवरचंद ने बताया कि घर से शौच को निकलते समय चीता मोबाइल के सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे यह भी नहीं बताया कि उसे किस जुर्म में जेल भेजा जा रहा है। उसे इस बात की घबराहट हो रही थी कि पता नहीं कब तक जेल में रहेगा। इसी बीच कुतुबखाना में मौका पाकर वह फरार हो गया था। यहां से जाने के बाद वह दिल्ली में अपने पिता के पास जाकर रहने लगा था।