बरेली। पाकिस्तानी जासूस इजाज की गिरफ्तारी से खुलासा हुआ था कि उसने त्रिशूल की रेकी की थी। तमाम दस्तावेज पाकिस्तान भेजे थे, सैन्य क्षेत्र में भी खूब घूमा था। माना गया था कि उसके निशाने पर एयरबेस था। कुछ दिनों बाद जब पठानकोट पर हमला हुआ तो तस्वीर साफ होती गई कि इजाज की रेकी यूं ही नहीं थी। अफसरों ने बरेली के त्रिशूल पर भी वैसा ही खतरा माना और सतर्कता बढ़ा दी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार आईएसआईएस की कड़ियां सामने आने के बाद बरेली में भी उनके तार तलाशे जाने लगी हैं। खुफिया सूत्रों की मानें तो उन क्षेत्रों में लगातार निगहबानी हो रही है जो पहले आतंकवादियों या पाकिस्तानी जासूसों के संपर्क में रहे हैं।
पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद इजाज के बाद संभल में आईएसआईएस का कमांडर पकड़ने जाने के बाद वेस्ट यूपी के संवेदशनशीलता की और पुष्टि हो रही है। यह बात भी साफ हो गई है कि यूपी में आईएसआई का मजबूत नेटवर्क है। आईएसआईएस भी अपने गुर्गे इस इलाके में भेजकर माहौल करने की कोशिश करने में लगा हुआ है। बरेली यूपी के संवेदनशील जिलों में पहले से ही गिना जाता है। इसका फायदा उठाकर कभी भी आईएसआईएस से जुड़े लोग यहां लोगों की भावनाएं भड़काकर लाभ उठा सकते हैं। कोलकाता के रास्ते इजाज पत्नी आसमा के रिश्तेदार बाबर के जरिए बिहार के आरा जिले के औरंगाबाद होकर बरेली आ गया। पकड़े जाने के बाद इजाज के राज खोलने से यह भी पता लग गया था कि वह पहले भी बरेली में रहकर गया था। सेना इंटेलीजेंस के अलावा एलआईयू,आईबी ने कैंट और त्रिशूल एयरबेस इलाके में जाल बिछा दिया है। 26 जनवरी को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर लगे खुफिया एजेंसियों के अफसरों को और अधिक चौकन्ना रहने को कह दिया गया है। त्रिशूल के आसपास दिखाई देने वाले सभी लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कैंट में मिलिट्री हास्पीटल के आसपास सेना इंटेलीजेंस की टीम लगी हुई है। यूबी एरिया में सबसे ज्यादा संवेदनशील शाहजहांपुर रोड को माना गया है। यहां सेना दिन रात गश्त कर रही है। शाहजहांपुर रोड से खुर्रम गौटिया से वियावानी कोठी होकर सेना के जवान पैदल गश्त कर रहे हैं। इस तरफ से आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। इजाज के संपर्क में रहने वाले कैंट इलाके के फोटोग्राफ र आसिफ हुसैन, फरीदपुर के मनोज गुप्ता, बटलर के गुरमीत सिंह, प्रजापति फोटो स्टूडियो के मालिक, समेत कई 12 फोटोग्राफर सेना इंटेलीजेंस के रडार पर हैं। संभल के मोहल्ला दीपासराय में पकड़े गए आईएसआईएस के कमांडर के रिश्तेदारों की कड़ी निगरानी की जा रही है। उसकी ससुराल के लोग भी खुफिया एजेंसियों की निगाह में हैं।
इसलिए संवेदनशील है बरेली
-थाना भोजीपुरा के धौराटांडा के अब्दुल रहमान, बहेड़ी के जोखनपुर के अब्दुल खलिक, बानखाना प्रेमनगर के फिरोज माजिद उर्फ जाली,संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने पर पकड़े गए थे, लेकिन फिलहाल तीनों जमानत पर हैं। अब्दुल खलिक कानपुर ब्लास्ट में गिरफ्तार हुआ था। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी भी दिल्ली में ब्लास्ट होने पर गिरफ्तार किया गया था। मौहम्मद तौफीक टकला आजमनगर का रहने वाला है। वह किराए पर मकान देकर मुम्बई में रह रहा है। अंडरवर्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के भाई अनीम इब्राहीम के लिए तस्करी करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था। सहसावानी टोला, थाना बारादरी के रहने वाला असरत अंसारी 2003 में मुम्बई ब्लास्ट में गिरफ्तार हुआ था। उसे फांसी की सजा होने चुकी है और मुम्बई जेल में हैं। थाना प्रेमनगर के गुलाबनगर का चांद मियां 2009 में आपत्तिजनक पम्पलेट और अवैध असलहों के साथ पकड़ा गया था। वह जिला जेल में बंद है। किला थाना के जामा मस्जिद निवासी मोहम्मद अफरोज 2006 में गोपनीय सैन्य दस्तावेज के साथ रामपुर में गिरफ्तार हुआ था। फिलहाल वह केंद्रीय कारागार में बंद है। खुफिया एजेंसियां इनके परिवार के लोगों पर अभी भी नजर रखे हुए हैं।
बरेली जोन के सभी जिलों में सर्तकता बढ़ा दी गई है। बरेली, मुरादाबाद, संभल जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सेना का केंद्र और त्रिशूल एयरबेस होने की वजह से खुफिया एजेंसियों के अलावा एटीएस और एसटीएफ को भी सुरक्षा के मदद्ेनजर नजर रखने को कहा गया है- विजय सिंह मीना, आईजी