सेंट्रल जेल में ट्रांसफर होकर आए बहराइच के शातिर अपराधी बड़कऊ उर्फ राजकुमार ने मजबूत नेटवर्क बना रखा है। उसने अपने नेटवर्क में जेल के स्टाफ को भी शामिल कर रखा है। बहराइच की जिला जज को रंगदारी का पत्र भेजकर सनसनी फैलाने के बाद बड़कऊ से तीन पत्र और मिलने पर कई बंदी रक्षक और अन्य स्टाफ के विभागीय जांच के दायरे में आ गए हैं। बड़कऊ के साथ बंद एक कैदी को भी जेल प्रशासन शक की नजर से देख रहा है।
जेल सूत्रों के मुताबिक हाल ही में बड़कऊ से कोई मुलाकात करने नहीं आया है। उसके साथ बंद कैदी से मिलाई हुई है। यह पता लगाया जा रहा है कि उससे कौन लोग मिलने आए थे। जांच के लिए उनकी बंदीरक्षकों को भी नोटिस दिया जा रहा है कि जिनकी उसकी बैरक में ड्यूटी लगी थी, क्योंकि ड्यूटी के दौरान हर कैदी पर बंदी रक्षक को निगरानी रखनी होती है। उसकी हर गतिविधि पर बंदी रक्षकों को नजर रखनी चाहिए था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बड़कऊ ने कितने और लोगों को धमकी भरे पत्र भेजकर रंगदारी वसूल की है। जिन पतों पर चिट्ठी भेजी गई है, उनके बारे में भी जांच के दौरान पता लगाया जाएगा। उधर, जेल प्रशासन ने बड़कऊ की हरकतों को देखते हुए उसे अलग बैरक में बंद करा दिया है। उसकी कड़ी निगरानी कराकर शांति के साथ जेल में रहने को कह दिया गया है।
सात मुकदमे दर्ज हैं
बड़कऊ के खिलाफ बहराइच में सात मुकदमें दर्ज हैं। इनमें एक मुकदमा हत्या का है, मारपीट और फौजदारी के बताए जा रहे हैं।