कर्ज में डूबे शाहजहांपुर के दिलाबरगंज निवासी 30 वर्षीय स्वर्णकार चंदन सिंह ने होटल सन इन के कमरा नंबर सात में जहर खाकर खुदकुशी कर ली। उनका शव नग्न अवस्था में बेड पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रात में ही पोस्टमार्टम कराया।
सोमवार की शाम को जिला शाहजहांपुर की कोतवाली इलाके के दिलाबरगंज निवासी चंदन सिंह डाई बनवाने के बहाने बरेली आए थे। यहां साढ़े चार बजे वह सरन हास्पीटल के पास सनइन होटल के कमरा नंबर सात में आकर रुक गए। इसके बाद किसी ने उन्हें बाहर आते नहीं देखा। परिवार वाले सारा दिन इंतजार करने के बाद चंदन को तलाशते हुए बरेली पहुंच गए। उन्होंने सराफ बाजार में चंदन के बारे में पता किया तो मालूम हुआ वह आए ही नहीं। इसी बीच शाम पांच बजे चंदन से दोस्त ने उनका फोन मिलाया तो उठ गया, लेकिन यह फोन चंदन नहीं पुलिस कर्मी ने उठाया। पुलिस की सूचना पर चंदन की तलाश कर रहे परिवार वाले सीधे होटल पहुंच गए। होटल के कमरे का नजारा यह था कि चंदन के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। बेड पर ही जहर की शीशी पड़ी हुई थी। पुलिस ने दरवाजे का लॉक तोड़कर कमरे में प्रवेश किया था। परिवार वालों को पुलिस ने बिस्तर से मिला सुसाइड नोट दिखाया तो उन्होंने चंदन की राइटिंग पहचान ली। सुसाइड नोट में लिखा था चंदन ने अपनी पत्नी के लिए लिखा था कि सोनी मुझे माफ कर दो, मैं कमेटी वालों से हार गया। इसका मतलब साफ था कि चंदन ने जो कमेटी उठाई थी। वह उसका कर्ज नहीं उतार पा रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे लेकर रात में ही पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा ने बताया कि डीएम की परमीशन पर रात को ही शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। चंदन सिंह पर करीब दस लाख का कर्ज है। इसी वजह से उसने आत्महत्या की है।
हड़ताल की वजह से परेशान था
-टैक्स खत्म करने को लेकर सराफ कारोबारियों की हड़ताल के बाद चंदन सिंह का काम पूरी तरह से बंद हो गया था। जबकि कर्जदार उस पर लगातार तकादा कर रहे थे। इसे लेकर वह काफी परेशान हो चुका था। पत्नी सोनी से वह ढाई लेने का बहाना करके बरेली आया था, लेकिन खुदकुशी की प्लानिंग पहले ही कर रखी थी। कर्जे के अलावा उसके दो बच्चे पैदा होने से पहले ही मर गए थे। इसका गम भी उसे सता रहे थे। चंदन सिंह की मौत के बाद पत्नी सोनी पिता कश्मीर सिंह और मां शोभा सिंह का बुरा हाल है।