जिला पंचायत की ओर से संचालन समिति ने अपने कार्यकाल में आनन-फानन में कार्य करा दिए। राज्य वित्त आयोग के बजट से कराए गए लगभग 50 लाख रुपये के कार्यों की अब हुई जांच में गड़बड़ी मिली है। कई सीसी रोड और नाली निर्माण के कार्य मानक के विपरीत बनाए गए। इनमें से कई तो टूटने की स्थिति में हैं। म्यूडी खुर्द गांव की गली की नाली कागजों में बना दी गई और भुगतान करा दिया गया।
पिछले महीने डीएम ने जिला पंचायत में हुए कार्यों की जांच के लिए टीम गठित की थी। जिसने लगभग 50 लाख की लागत वाले सात की जांच टीम ने मौके पर जाकर की। टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
बता दें कि पिछले साल तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष नीरू पटेल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने के बाद शासन ने कार्यों के संचालन के लिए सपा के सदस्यों की तीन सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया था। इसमें पूर्व अध्यक्ष सरोज यादव, सुमन कश्यप और तनवीर अहमद शामिल थे। इस दौरान राज्य वित्त आयोग से वित्तीय वर्ष 2015-16 के कार्यों के लिए मिले लगभग 11 करोड़ रुपये से कामों को कराया जाना था। संचालन समिति ने बहुत सारे कामों को मंजूरी देकर उनके ठेके स्वीकृत कराए और निर्माण कराया।
कोट...
यह काम मेरे कार्यकाल के नहीं हैं। जिनके कार्यकाल के हैं, वही इनके बारे में बता सकते हैं। मेरे कार्यकाल में कोई गड़बड़ी नहीं है।
-संजय सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत
इन कामों में मिली गड़बड़ी
-म्यूड़ी खुर्द गांव में मैसर्स गुरु कृपा कांट्रेक्टर की ओर से लगभग नौ लाख की लागत से सात सड़कें बनाई गईं। सभी सड़कों के सीसी में ज्वाइंट मानक के विपरीत दूर-दूर काटे गए। कहीं-कहीं सीसी में हेयर क्रेक्स पाए गए हैं। वहीं, इस गांव में गंगाराम के घर से लक्ष्मण प्रसाद वाली गली में स्वीकृत नाली का निर्माण नहीं कराया गया।
-भगवतीपुर गांव में ठेकेदार चंद्रपाल सिंह की ओर से लगभग आठ लाख की लागत से सीसी रोड और विभिन्न गलियों में नालियों का निर्माण कराया गया। जांच में जानकी प्रसाद के घर के सामने सीसी रोड और नाली टूटी पाई गई। सीसी में ज्वाइंट मानकों के विपरीत और सीसी में हेयर क्रेक्स हैं। नाली व टूटी सड़क का पुर्निर्माण कराने की संस्तुति की गई है।
-कांधरपुर गांव में लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की लागत से नाली के निर्माण में मैसर्स गुरुकृपा ने पीसीसी के स्थान पर प्लास्टर कराया और लेबल न होने की वजह से पानी भरा है।
-उल्हैतापुर गांव में लगभग सवा आठ लाख रुपये की लागत से ठेकेदार सुरेंद्र पाल सिंह ने सीसी में ज्वाइंट दूर-दूर बनाए गए। ज्वाइंट्स को भरा भी नहीं गया है। नालियों का ढाल भी ठीक नहीं है।
-राजपुर कलां गांव में मेन रोड से सीसी रोड और नालियों को आठ लाख रुपये से सुशील कुमार ने कराया, जिसमें ज्वाइंट मानकों के विपरीत डाले गए हैं। क्रास नालियों के ऊपर कहीं भी कवर नहीं डाले । एक जगह सीसी का सर्फेश खराब मिला। कोई भी ज्वाइंट नहीं भरा है।
-गहर्रा गांव की दिवाकर बस्ती में लगभग पांच लाख रुपये की लागत से सीसी और नाली का निर्माण ठेकेदार अशोक कुमार ने मानक के विपरीत बनाया। कई पैनल में हेयर क्रेक्स हैं। ज्वाइंट भी मानक के अनुरूप और ढाल भी सही नहीं हैं।