कैंट के बदनाम गांव बभिया के बदमाशों का जेल में भी खौफ है। हिस्ट्रीशीटर जगपाल यादव पहले से ही जेल में था और अब दूसरा हिस्ट्रीशीटर पाताराम कश्यप भी जेल पहुंच गए। इस पर कहीं जेल में गैंगवार न हो जाए, इसलिए दोनों को अलग अलग बैरक में रखा गया है। मिलाई के दौरान भी दोनों को साथ नहीं निकाला जाएगा और पैनी नजर रखी जाएगी।
कैंट के गांव बभिया का हिस्ट्रीशीटर जगपाल यादव हत्या के आरोप में जेल में पहले से ही बंद है। शनिवार को हिस्ट्रीशीटर पाताराम भी जेल पहुंच गया। खनन को लेकर दोनों के बीच कई बार खून खराबा हो चुका है। दोनों ही हिस्ट्रीशीटर बड़े पैमाने पर खनन कराते थे। इसी को लेकर दोनों के बीच रंजिश है। इस रंजिश में कहीं दोनों हिस्ट्रीशीटर जेल में ही न भिड़ जाएं, इसको लेकर जेल प्रशासन अलर्ट हो गया है। दोनों को ही अलग अलग बैरक में रखा गया है। सुबह के समय बैरक खोलने पर विशेष सावधानी बरती जा रही है। यहां बता दें कि हिस्ट्रीशीटर जगपाल यादव और पाताराम कश्यप संगीन अपराधों में लिप्त होने के कारण क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने हुए थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद राहत की सांस ली, लेकिन दोनों के जेल पहुंचने पर जेल प्रशासन की टेंशन बढ़ गई।
दोनों के बीच जेल में कोई विवाद की घटना नहीं हुई है पर हमने सुरक्षा की दृष्टि से सतर्कता बरतते हुए दोनों को अलग बैरक में रखा है। - दधिराम मौर्य, जेल अधीक्षक