In a gloomy atmosphere The funeral of the five dead
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में गणेश घाट के पास सोमवार सुबह तड़के रामपुर हाईवे पर हुए हादसे में मौत की आगोश में समाए बानखाना मोहल्ले के सब्जी व्यापारी यमुना प्रसाद उर्फ बबलू, उसकी मां नन्हीं देवी, बहन कुमकुम और बहनोई ओमकार का सिटी श्मशान घाट पर मंगलवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। चारों की चिता बराबर-बराबर एक साथ जलीं। वहीं बबलू की नाबालिग भांजी सोनी के शव को श्मशान घाट पर ही दफना दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में मोहल्ले के काफी लोग शामिल हुए। परिवार के पांच लोगाें की मौत से मोहल्ले में दूसरे दिन भी मातम छाया रहा।
प्रेमनगर इलाके के मोहल्ला बानखाना निवासी सब्जी व्यापारी यमुना प्रसाद उर्फ बबलू सोमवार सुबह हरिद्वार से परिवार के साथ बोलेरो गाड़ी से लौट रहे थे। रामपुर हाईवे पर मुरादाबाद के मूंढापांडे के गणेश घाट के पास खड़े ट्रक में उनकी गाड़ी घुस गई थी। हादसे में यमुना प्रसाद, उसकी मां नन्हीं देवी, बहन कुमकुम, बहनोई ओमकार ओर नाबालिग भांजी सोनी की मौत हो गई थी, जबकि गाड़ी में सवार यमुना प्रसाद की पत्नी राधा, बेटा नितिन, वरुन, राहुल और भांजा अरुन घायल हो गए थे। घायलों का पहले रामपुर जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। इसके बाद उन्हें बरेली के मिनी बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत में सुधार है।
यहां बता दें कि सोमवार को पांचों शव शाम के समय घर लाए गए थे, जिससे परिवार में कोहराम मच गया था। मंगलवार सुबह गमगीन हाल में पांचों मृतकों का सिटी श्मशान घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। बबलू की चिता को उसके ताऊ थम्मन लाल ने मुखाग्नि दी। नन्हीं देवी को भी जेठ थम्मन लाल ने मुखाग्नि दी। वहीं ओमकार और कुमकुम को ओमकार के बड़े भाई सुखलाल ने मुखाग्नि दी। वहीं 11 वर्षीय सोनी के शव को दफना दिया गया। अंतिम संस्कार में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।