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सीबीगंज में तेजाब और तांबा बनाने की अवैध फैक्ट्री सील

Thu, 07 Sep 2017 02:03 AM IST
बरेली
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 दिल्ली हाईवे के किनारे अवैध रूप से चल रही तेजाब और तांबा बनाने की फैक्ट्री को कमिश्नर के आदेश पर पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारा और इसके बाद भारी मात्रा में केमिकल समेत उसे सील कर दिया। हालांकि 20 साल पुरानी इस फैक्ट्री को सील करने से पहले पुलिस और प्रशासन के अधिकारी काफी देर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहे।  आखिर में संयुक्त निदेशक अभियोजन से राय ली गई जिसके बाद पुलिस को फैक्ट्री को सील करना पड़ा। इस मामले किसी को गिरफ्तार भी नहीं किया गया। 
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हाईवे किनारे मान्या पैलेस के पास बरेली केमिकल इंडस्ट्रीज नाम से यह अवैध फैक्ट्री चल रही थी। बुधवार शाम सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह व एफएसडीए के दर्पण मालपाणी ने टीम के साथ यहां छापा मारा। छापा पड़ते ही फैक्ट्री मालिक फरार हो गया। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निवासी फैक्ट्री के मैनेजर करतार सिंह से अफसरों ने टीम ने लाइसेंस मांगा तो वह नहीं दिखा सका। गेट पर कोई बोर्ड भी नहीं था। मैनेजर ने अधिकारियों को बताया कि फैक्ट्री में चांदी में मिलाया जाने वाला तांबा लोहे को केमिकल में गलाकर बनाया जाता है। बताया कि फैक्ट्री साहूकारा मोहल्ला निवासी अंकुर अग्रवाल के नाम से है। छापे की सूचना पर एसीएम फर्स्ट अरुणमणि त्रिपाठी, सीओ टू गिरीश कुमार, इंस्पेक्टर सीबीगंज शोएब मियां भी पहुंच गए। फैक्ट्री को सील करने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी दो घंटे तक एक-दूसरे पर टालते रहे। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ने संयुक्त निदेशक अभियोजन से फोन पर वार्ता की। उनके निर्देश पर संयुक्त रिपोर्ट बनाकर सीबीगंज पुलिस ने फैक्ट्री को सील किया। फैक्ट्री में केमिकल से भरे 186 ड्रम, आठ टैंक केमिकल, एक टैंकर तेजाब, तांबा बनाने का कच्चा लोहा आदि सामान सील कर दिया। 

पल भर में गल गया लोहे का टुकड़ा
फैक्ट्री में मिला तेजाब इतना खतरनाक था कि अधिकारियों ने जब उसमें एक लोहे का टुकड़ा डाला तो धुएं का गुबार उठा और वह पल भर में ही गल गया। इसकी तीखी गंध से अधिकारियों को अंदर रुकना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि फैक्ट्री के आसपास का भूजल बुरी तरह प्रदूषित हो चुका है। पड़ोस का होटल इसीलिए ठप हो गया क्योंकि जानकार लोग यहां खाना खाने या पानी पीने का रिस्क नहीं लेते। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने कई बार अवैध तरीके से चल रही फैक्ट्री की शिकायत अधिकारियों से की लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। 
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मैनेजर बोला: ज्वलनशील है फैक्ट्री का पानी
कार्रवाई के दौरान मैनेजर करतार सिंह ने अधिकारियों को सफाई दी कि फैक्ट्री से निकला पानी ज्वलनशील होता है। यह किसी किसान के खेत में न पहुंचे, इसलिए फैक्ट्री मालिक ने आसपास की करीब 40 बीघा जमीन खरीद ली है। 
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