आईजी विजय सिंह मीना ने एसएसपी बरेली से तीन मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पत्र में कहा गया है कि सेना में फर्जीवाडे़ की घटना काफी गंभीर है। जिला अस्पताल से चोर भागने की मामला भी बेहद संजीदा है। जमीन के मामले में रामपुर के विधायक नावेद मियां के खिलाफ पहले भी मुकदमा लिखा जा चुका है। ये आखिर क्या है और पुलिस क्या कर रही है?
केस वन
सेना में फर्जीवाड़ा करके बारह लोग भर्ती होने के मामले की विवेचना को पुलिस बेहद हल्के में ले रही है। हालांकि यह मामला सीधे देश की सुरक्षा के जुड़ा है। सेना भर्ती बोर्ड के निदेशक राजीव दीक्षित ने ग्यारह लड़कों के फर्जी प्रमाण पत्र होने पर उनके खिलाफ मुकदमा लिखाकर उन्हें जेल भिजवा दिया है। फर्जीवाड़ा करके सेना में एंट्री करने के पीछे जेल गए लड़कों का मकसद क्या था इसका पता लगना भी तो जरूरी है। उन्हें भर्ती कराने वाले गैंग के मेरठ में रहने वाले मास्टर माइंड आदेश गूजर और उसके साथी सेना के रिटायर सूबेदार मेजर आदित्य का नाम भी पुलिस के पास आ चुका है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास होना चाहिए। इसके अलावा फरार हुए बारहवें लड़के की गिरफ्तारी के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया गया।
केस-दो
शुक्रवार की रात प्रेमनगर थाने की बरतरिया गली, भूड़ में रहने वाले शोभित सक्सेना के मामा रिटायर ट्रेजरी अधिकारी सुशील बरतरिया के घर का ताला तोड़कर चोर रात सवा दो बजे उनके घर में घुस गए। उन्होंने पीछा क रके बड़ी बिहार के शमशाद नाम के आरोपी को पकड़कर रात को ही 2.38 बजे कंट्रोल रूम को फोन किया था। थाना प्रेमनगर की कानूनगोयान चौकी प्रभारी रामवीर भी घटना की सूचना पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने इस घटना को हल्के में लिया। शायद यही वजह रही कि जिला अस्पताल से शमशाद मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस अभी तक शमशाद को पकड़ नहीं पाई है।
केस तीन
शहर कोतवाली के सिविल लाइंस की 45 सौ वर्ग गज की विवादित जमीन पर पिछले साल 2 जनवरी के पहले विधायक नावेद मियां पक्ष से अयूब खां ने 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया था, इसके जवाब में संजय अग्रवाल व अन्य ने 20 जनवरी 14 विधायक नावेद मियां व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना मालिकाना हक जता रहे हैं। पुलिस ने नावेद मियां के खिलाफ पहले भी मुकदमा लिखा था। पहले उनको क्लीन चिट दे दी गई थी। इधर फिर से संजय अग्रवाल ने विधायक और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है।