बरेली। नई दिल्ली से चलकर लखनऊ जाने वाली एसी स्पेशल एक्सप्रेस में सवार होकर लखनऊ जा रहे आरपीएफ के आईजी और जगजीवन राम प्रशिक्षण केंद्र के डायरेक्टर अंजनी कुमार सिन्हा की पत्नी चंद्रा रानी के पर्स से उचक्के ने डेढ़ लाख रुपये चुरा लिए और पर्स शौचालय में फेंक कर भाग गया। नींद खुलने पर पर्स गायब देख तलाश शुरू हुई तो खाली पर्स शौचालय में पड़ा मिला। आईजी ने लखनऊ पहुंचकर जीआरपी थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरपीएफ के आईजी अंजनी कुमार सिन्हा जगजीवन राम प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ के डायरेक्टर हैं। अंजनी कुमार बुधवार रात एसी स्पेशल एक्सप्रेस के एच-वन कोच में सवार हुए थे। उनके साथ उनकी पत्नी चंद्रा रानी और गनर भी था। रात में सभी लोग गहरी नींद में सो गए। बृहस्पतिवार सुबह तड़के करीब चार बजे बरेली से निकलने के बाद शाहजहांपुर से पहले कोई उचक्का आईजी की पत्नी का पर्स चोरी कर लिया। उचक्के ने पर्स से डेढ़ लाख रुपये चुराने के बाद खाली पर्स शौचालय में फेंक दिया और फरार हो गया। लखनऊ पहुंचकर इसकी जानकारी होने पर आईजी ने जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। लखनऊ जीआरपी थाने के प्रभारी निरीक्षक डीके उपाध्याय ने बताया कि घटना की रिपोर्ट निल क्राइम नंबर पर लिखकर विवेचना बरेली को ट्रांसफर की जा रही है।
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तीन महीने पहले चोरी होने पर लगाया था आरपीएफ एस्कोर्ट
एसी स्पेशल एक्सप्रेस में तीन महीने पहले भी एक यात्री के साथ चोरी की घटना हुई थी। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी गई थी। जिस पर बरेली आरपीएफ का एस्कोर्ट तैनात किया गया था। बुधवार रात भी आरपीएफ का एस्कोर्ट एच-1 कोच में तैनात था। फिर भी आरपीएफ के आईजी के साथ चोरी हो जाने पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा में चल रहा एस्कोर्ट भी सो गया था, इसी का फायदा उठाकर उचक्का घटना को आसानी से अंजाम दे गया।
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खुलासे की बजाए छिड़ा सीमा विवाद
लखनऊ जीआरपी थाने के प्रभारी निरीक्षक घटना स्थल बरेली से ट्रेन निकलने के बाद बता रहे हैं। जबकि बरेली जीआरपी इंस्पेक्टर का कहना है कि घटना सुबह चार बजे की बताई जा रही है। इस हिसाब से लखनऊ मेल सुबह सवा तीन बजे बरेली से निकलकर चार बजे शाहजहांपुर के पास होगी। इसीलिए घटना स्थल शाहजहांपुर क्षेत्र में है।
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जब आईजी ही महफूज नहीं तो सुरक्षित कौन रहेगा
भारतीय रेल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली आरपीएफ के मुखिया ही सफर के दौरान ट्रेन में सुरक्षित नहीं रहे तो आम आदमी कितना सुरक्षित है, इसको लेकर सभी के जेहन में सवाल तैरने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब आरपीएफ जवान यात्रियों से वसूली में लगे हैं तो चोरों को कौन पकड़ेगा।