बहेड़ी के सीकरी गांव में प्राचीन शिव मंदिर के पास होकर ताजिये के जुलूस के रास्ते में आई पीपल के पेड़ की डालियों को लेकर बुधवार रात जमकर बवाल हुआ था। बवाल के दौरान मौके पर पहुंचे आला अफसरों को थाना पुलिस की लापरवाही नजर आई। आईजी विजय सिंह मीना और डीआईजी आशुतोष कुमार ने पत्र लिखकर एसएसपी से इस पूरे मामले में पुलिस भूमिका की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इससे बहेड़ी पुलिस पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
पुलिस प्रशासन ने मोहर्रम को लेकर करीब एक महीने पहले तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान आईजी से लेकर एसपीआरए तक हर स्तर पर अलग-अलग बैठकें की गई थीं। आला अफसरों ने हर मीटिंग में ताजिये के जुलूस संबंधी छोटे-बड़े सभी विवादों को पहले निपटा लेने के निर्देश दिए थे। अफसरों का कहना है कि बहेड़ी पुलिस मोहर्रम के जुलूस को लेकर लापरवाह रही। आईजी, डीआईजी ने पत्र में लिखा है कि सीकरी गांव के प्रचीन शिव मंदिर के पास होकर निकलने वाले ताजिये को लेकर मोहर्रम से पहले दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत की गई या नहीं। बात की गई तो पीपल के पेड़ की डाल कटवाने या ताजिये को नीचा बनवाने की कोशिश क्यों नहीं की गई? दोनों पक्षों की सहमति से कोई तीसरा रास्ता क्यों नहीं निकाला गया? अगर लोग असंतुष्ट थे तो आला अफसरों को क्यों नहीं बताया गया? एसएसपी को हर बिंदु पर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर बहेड़ी पुलिस पर कार्रवाई की जाएगी।
रसूला तालिब हुसैन में तनाव के बीच शांति
तीसरे दिन भी घरों में कैद रहे लोग, पुलिस व पीएसी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज।
मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुए बवाल के बाद रसूला तालिब हुसैन में शुक्रवार तीसरे दिन शांति रही, लेकिन तनाव कायम है। डर की वजह से गांव के पुरुष फरार हैं। महिलाएं और बच्चे घरों में कैद हैं। सन्नाटे के बीच दिनभर गांव की गलियों में वर्दी वाले घूमते नजर आए। गांव में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की गाड़ियां आती जाती रहीं।
बुधवार को मोहर्रम के जुलूस के दौरान नवाबगंज के रसूला तालिब हुसैन में बवाल हुआ था। इसमें मारपीट, पथराव और फायरिंग में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। इसमें एक पक्ष की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे में 22 लोग नामजद व 50-60 अज्ञात हैं। इस घटना के बाद से रसूला तालिब हुसैन में दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त तनाव है। गिरफ्तारी के डर से गांव के लोग बुधवार की रात में ही अपने घरों से चले गए थे। घरों के महिलाएं और बच्चे हैं, जो बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शुक्रवार को गांव में किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया। एसडीएम राजेश कुमार, सीओ इंदु प्रभा और नवाबगंज इंस्पेक्टर राजीव कुमार शर्मा गांव में जाकर भ्रमण किया और मौजूद कुछ लोगों से बातचीत की। सीओ इंदु प्रभा ने बताया कि गांव में शांति है। मुकदमे में नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। इनमें एक टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजीव शर्मा और दूसरी का एसआई रामपाल कर रहे हैं। शुक्रवार को कई जगह दबिश भी दी गई। उधर, गांव में माहौल सामान्य करने की कोशिश जारी है।
दूसरे पक्ष की नहीं लिखी गई रिपोर्ट
बृहस्पतिवार दोपहर भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी केसर सिंह के साथ नवाबगंज थाने जाकर रसूला तालिब हुसैन के घनश्याम ने एसपीआरए यमुना प्रसाद को तहरीर दी गई थी। इसमें 22 लोग नामजद और सौ से अधिक अज्ञात हैं। तहरीर में बलवे व महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है। मगर शुक्रवार देर शाम तक दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। सीओ इंदु प्रभा का कहना है कि तहरीर को जांच में शामिल किया गया है। नवाबगंज इंस्पेक्टर राजीव कुमार शर्मा का कहना है कि उन्हें दूसरे पक्ष की तहरीर के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।
मुचलका पाबंद लोगों से वसूली की तैयारी
मोहर्रम से पुलिस ने रसूला तालिब हुसैन में रहने वाले दोनों पक्षों के 124 लोगों को मुचलका पाबंद किया था। इनमें एक पक्ष की ओर से लिखाए गए मुकदमे में नौ लोग नामजद हैं। अब पुलिस मुचलका पाबंद किए गए लोगों से वसूली की जाएगी। इसकी तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है।
--
रसूला तालिब हुसैन में पूरी तरह शांति है। एहतियातन पुलिस तैनात है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। दूसरे पक्ष की तहरीर मिली थी, जिसकी जांच सीओ नवाबगंज को दी गई है। - यमुना प्रसाद, एसपीआरए